हर्षिल -धराली में कांग्रेस अध्यक्ष पहुंचे राहत कार्यों के लिए, पार्टी कार्यकर्ता पहले दिन से मैदान में, धस्माना बोले – सरकार मृतकों और लापताओं के आंकड़े क्यों छुपा रही है? भाजपा सांसद दिल्ली में फोटोशूट में व्यस्त, संवेदनहीनता की पराकाष्ठा।
देहरादून । उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री क्षेत्र अंतर्गत धराली और हर्षिल में हाल ही में आई भीषण प्राकृतिक आपदा ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर कर रख दिया है। बादल फटने और भारी बारिश के कारण नदी-नालों का उफान, भूस्खलन, सड़कों का ध्वस्त हो जाना, कई घरों और दुकानों के बह जाने की घटनाओं ने क्षेत्र में भारी जनहानि और तबाही मचाई है। सैकड़ों लोग बेघर हो चुके हैं, कई अभी भी लापता हैं और कई शव मलबे से बरामद हो चुके हैं।
इस संकट की घड़ी में जहां सरकार की ओर से पर्याप्त जानकारी और सहायता नहीं मिल पा रही है, वहीं कांग्रेस ने मोर्चा संभाल लिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा स्वयं सड़क मार्ग से हर्षिल -धराली आपदा क्षेत्र में पहुंच गए हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना ने एक संवाददाता सम्मेलन में इसकी जानकारी दी।
आपदा आते ही कांग्रेस मैदान में, सरकार अभी तक आंकड़े नहीं बता पाई
धस्माना ने बताया कि आपदा घटित होते ही उत्तरकाशी जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनीष राणा, प्रदेश महामंत्री घनानंद नौटियाल और स्थानीय कार्यकर्ताओं की टीम राहत कार्यों में जुट गई थी। कांग्रेस ने राज्य सरकार से पहले राहत वितरण और खोज-बचाव कार्य शुरू किया।उन्होंने बताया कि खराब मौसम और जोखिम भरे रास्तों के बावजूद प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने कुमाऊं से उत्तरकाशी की यात्रा की और स्थानीय लोगों से मिलकर उनका हाल जाना, सांत्वना दी और अधिकारियों से राहत कार्यों की समीक्षा की।
धस्माना ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा, “सरकार को इस आपदा की गंभीरता समझनी चाहिए थी। लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कितने लोग मरे हैं, कितने लापता हैं, कितने घायल हैं और कितनों को सुरक्षित निकाला गया है। न कोई आधिकारिक सूची है, न पारदर्शिता। सरकार की चुप्पी लोगों के बीच भय और भ्रम फैला रही है।”
राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस नेतृत्व की सतत निगरानी
उन्होंने बताया कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, और उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा लगातार राज्य नेतृत्व से संपर्क में हैं। इन नेताओं ने समस्त कार्यकर्ताओं को राहत एवं बचाव कार्य में पूरी तरह से जुटने का निर्देश दिया है।
कांग्रेस पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब तक राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं, तब तक वह कोई भी राजनीतिक बयानबाजी नहीं करेगी, लेकिन जनता की पीड़ा और सच्चाई को सामने लाना उसका कर्तव्य है।
आपदाओं से त्रस्त उत्तराखंड, सांसदों की अनुपस्थिति शर्मनाक – धस्माना
इस आपदा के राजनीतिक और सामाजिक संदर्भ पर बोलते हुए, धस्माना ने भाजपा के पांचों सांसदों की अनुपस्थिति पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा:
जब उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली जैसे जिले प्राकृतिक त्रासदी से जूझ रहे हैं, लोग जान गंवा रहे हैं, सड़कों पर भूखे-प्यासे फंसे हुए हैं, तो उस समय हमारे सांसद दिल्ली में प्रधानमंत्री के साथ फोटोशूट करवा रहे हैं। यह जनता का अपमान है।
धस्माना ने टिहरी सांसद (महारानी के तौर पर पहचानी जाने वाली), पौड़ी सांसद, हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, नैनीताल सांसद अजय भट्ट और अल्मोड़ा सांसद अजय टम्टा की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए।
“नैनीताल सांसद अजय भट्ट का यह कहना कि ‘बादल तो फटते रहते हैं, आपदाएं रोकी नहीं जा सकतीं’ – यह बयान न केवल संवेदनहीनता है, बल्कि उत्तराखंड के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।“
धस्माना ने कहा कि हरिद्वार के मनसा देवी में हुई मानवजनित आपदा जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु हताहत हुए, वहां के सांसद की चुप्पी भी दुखद है। यह वही सांसद हैं जो पहाड़ से आते हैं, लेकिन पहाड़ के लोगों की सुध नहीं ले रहे हैं।
सिर्फ धार्मिक एजेंडे से जीतने वाले नेता जनसेवा से भागते हैं
धस्माना ने यह आरोप भी लगाया कि भाजपा के कई सांसद जानते हैं कि वे विकास और जनसेवा के आधार पर नहीं, बल्कि धार्मिक ध्रुवीकरण के दम पर चुनाव जीतते हैं। इसलिए वे आपदाओं के समय जनता के साथ खड़े होने को अपनी जिम्मेदारी नहीं मानते। उन्होंने कहा:
उत्तराखंड में जब-जब आपदा आई है, भाजपा नेताओं की प्राथमिकता में कभी जनता नहीं रही – उनकी प्राथमिकता हमेशा प्रचार, मंच और टीवी कैमरे रहे हैं।
राहत कार्यों की सराहना, लेकिन प्रशासन को और सक्रिय होना होगा
कांग्रेस ने राहत कार्यों में लगे सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस, और प्रशासनिक अधिकारियों की प्रशंसा करते हुए अपील की है कि सरकार इन्हें और संसाधन उपलब्ध कराए। प्रभावित क्षेत्रों में कई स्थान अब भी संपर्क से कटे हैं।
उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार:
तत्काल मृतकों और लापता लोगों की सूची जारी करे।राहत सामग्री वितरण को पारदर्शी बनाए।आपदा क्षेत्रों में स्थायी पुनर्वास नीति की घोषणा करे।सांसद निधि और विधायक निधि से तत्काल राहत कोष जारी किया जाए।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश की जनता के साथ संकट की इस घड़ी में वह पूरी ताकत से खड़ी है और राहत एवं बचाव कार्यों में सरकार और प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रही है। लेकिन सरकार को चाहिए कि वह पारदर्शिता बरते और मृतकों व लापता लोगों के आंकड़े सार्वजनिक करे।

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