देहरादून में शुरू होने जा रही है महिलाओं द्वारा संचालित ऑटोमेटेड पार्किंग

देहरादून । देहरादून में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और पार्किंग की समस्या को दूर करने के लिए जिला प्रशासन एक नई पहल कर रहा है. मुख्यमंत्री की प्रेरणा से, देहरादून में उत्तराखंड की पहली महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित ऑटोमेटेड पार्किंग जल्द ही जनता के लिए उपलब्ध होगी. इस पहल से न केवल पार्किंग की समस्या का समाधान होगा, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा.
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी पार्किंग
यह ऑटोमेटेड पार्किंग सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी. यहां आने वाले वाहनों के लिए गार्ड, ड्राइवर और मुफ्त लक्ज़री इलेक्ट्रिक शटल सेवा उपलब्ध होगी. ये शटल बसें हर 5 मिनट में परेड ग्राउंड ऑटोमेटेड पार्किंग से सुभाष रोड, घंटाघर, एस्लेहॉल, राजपुर और सचिवालय रोड जैसे प्रमुख स्थानों के लिए चलेंगी, जिससे शहर के इन हिस्सों को वाहन-मुक्त घेरे में लाया जा सकेगा.

व्यापारिक संगठनों और हितधारकों का सहयोग
जिलाधिकारी सविन बंसल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में इस योजना पर विस्तार से चर्चा की. शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन विभिन्न व्यापारिक संगठनों और टैक्सी एसोसिएशनों के साथ मिलकर काम कर रहा है. इसके अलावा, विकास भवन में भी जल्द ही ऑटोमेटेड पार्किंग शुरू करने की तैयारी चल रही है.
चालकों पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जहां-तहां वाहन खड़ा करके सवारी उतारने या चढ़ाने वाले चालकों पर सख्त प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी. इसका उद्देश्य यातायात जाम को कम करना और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
आईएसबीटी और आशारोड़ी में भी सुधार
बैठक के दौरान, आईएसबीटी पर ट्रैफिक प्लान और आशारोड़ी ब्लैक स्पॉट के सुधार के लिए मौके पर ही स्वीकृति दी गई. जिलाधिकारी ने संभागीय परिवहन अधिकारी और पुलिस क्षेत्राधिकारी यातायात को इन कार्यों को तुरंत शुरू करने का निर्देश दिया. यह कदम सड़क हादसों को कम करने और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने में मदद करेगा.

महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का मौका
शुरुआती चरण में, परेड ग्राउंड, तिब्बती मार्केट और कोरोनेशन में स्थापित होने वाली ऑटोमेटेड पार्किंग का संचालन महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा किया जाएगा. यह एक अनूठा प्रयोग है जो महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाएगा. इसके साथ ही, यह पहल पूरे राज्य में इस तरह के मॉडल को अपनाने के लिए एक प्रेरणा का काम करेगी.
आज की बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, संभागीय परिहन अधिकारी संदीप सैनी, अनिता चौहान, एआरटीओ पंकज, ईई आर डब्लू डी विनित कुरिल, पुलिस क्षेत्राधिकारी यातायात जगंदीश पंत आदि उपस्थित रहे।

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