देहरादून, 7 अगस्त: देहरादून और उत्तराखंड के लगभग 66,000 केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) लाभार्थियों, जिनमें अधिकतर वरिष्ठ नागरिक हैं, के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की मांग को लेकर एक बड़ा जन अभियान शुरू हो गया है। दून केंद्रीय पेंशनर्स एसोसिएशन ने इस मुद्दे को उठाते हुए हल्द्वानी में एक नया सीजीएचएस वेलनेस सेंटर खोलने और हाथीबड़कला स्थित सर्वे डिस्पेंसरी को दून सीजीएचएस में मिलाने की मांग की है।
एसोसिएशन ने कड़ी चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द इस पर ध्यान नहीं दिया तो वे एक बड़ा आंदोलन करेंगे। उनका कहना है कि हल्द्वानी में वेलनेस सेंटर खोलने की मांग पिछले सात सालों से लंबित है और अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
7 साल से लंबित मांग, प्रक्रिया पूरी फिर भी देरी क्यों?
एसोसिएशन ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सीजीएचएस के अतिरिक्त सचिव मनोज सहाय और निदेशक डॉ. सतीश वाई.एच. को इस संबंध में ज्ञापन भेजा गया है। उन्होंने याद दिलाया कि 10 जनवरी 2024 को मंत्रालय ने हल्द्वानी को वेलनेस सेंटर के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी। इसके बाद, भवन का चयन हो चुका है और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने पदों को भी मंजूरी दे दी है। अब केवल सीजीएचएस के व्यय विभाग की मंजूरी बाकी है, जिसके बाद काम शुरू हो जाएगा। एसोसिएशन का कहना है कि 85% प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद हो रही देरी निराशाजनक है।

मौजूदा स्वास्थ्य केंद्र अपर्याप्त, मरीजों को हो रही परेशानी
एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र सेमवाल ने बताया कि सीजीएचएस के मानकों के अनुसार, 66,000 लाभार्थियों के लिए 11 वेलनेस सेंटर होने चाहिए, जबकि अभी केवल 3 ही काम कर रहे हैं। इस वजह से बुजुर्ग मरीजों को घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी बिना इलाज के लौटना पड़ता है। महासचिव एस.एस. चौहान ने इसे स्वास्थ्य के अधिकार का उल्लंघन बताया।
एसोसिएशन के शिष्टमंडल ने अपर निदेशक डॉ. अश्वनी कुमार सेन्यारे से भी मुलाकात की और इस पर नाराजगी जताई। डॉ. सेन्यारे ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वे उच्च अधिकारियों से बात कर रहे हैं और जल्द ही इस मामले में कोई सकारात्मक परिणाम सामने आएगा।
शिष्टमंडल में अध्यक्ष रविंद्र सेमवाल, महासचिव एस.एस. चौहान, संयोजक बी.एस. नेगी, संरक्षक एन.एन. बलूनी और कोषाध्यक्ष अनिल उनियाल शामिल थे।

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