देहरादून। देहरादून पुलिस ने भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए, जमीन धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में दो गैंगस्टर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी फर्जी दस्तावेजों के जरिए एक वृद्ध महिला की जमीन की रजिस्ट्री करने और 1 करोड़ 65 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने में शामिल थे।
यह मामला तब सामने आया जब मोहित सेठ नाम के एक व्यक्ति ने रायपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, राजेश अग्रवाल और विजय कुमार ने उन्हें डांडा नूरीवाला में एक खाली पड़ी जमीन दिखाई और फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी बनाकर 1 करोड़ 65 लाख रुपये में उनसे सौदा किया। इन आरोपियों ने फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी का इस्तेमाल करते हुए जमीन की 6 अलग-अलग रजिस्ट्रियां मोहित सेठ और उनके परिवार के नाम पर कर दीं और उनसे पैसे ऐंठ लिए। जब मोहित सेठ ने जमीन के दाखिल-खारिज के लिए आवेदन किया, तो उन्हें पता चला कि पावर ऑफ अटॉर्नी फर्जी थी।
एसएसपी देहरादून ने इस तरह की धोखाधड़ी में शामिल सभी अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में, रायपुर पुलिस ने इस मामले की गहनता से जांच की और साक्ष्य जुटाए। सबूतों के आधार पर, पुलिस ने राजेश अग्रवाल (53) और विजय कुमार (40) को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, ये दोनों आरोपी पहले भी जमीन धोखाधड़ी के कई मामलों में जेल जा चुके हैं। जमानत पर बाहर आने के बाद भी, वे लगातार ऐसी गतिविधियों में लिप्त थे। इसलिए, एसएसपी के निर्देश पर इन दोनों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई थी। पुलिस अब इन आरोपियों द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्ति की पहचान कर रही है और जल्द ही उसे जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम और पते हैं:
- राजेश अग्रवाल, उम्र 53 वर्ष, निवासी 18/02 नेमी रोड, थाना डालनवाला, देहरादून।
- विजय कुमार, उम्र 40 वर्ष, निवासी सुगरमिल, नियर महाराणा प्रताप स्कूल, कस्बा मवाना, थाना ममवाना, जिला मेरठ, उत्तर प्रदेश (वर्तमान में जैन प्लाट अधोईवाला, रायपुर, देहरादून में रह रहा था)।
पुलिस टीम में थाना रायपुर के थानाध्यक्ष गिरीश नेगी, व.उ.नि. भरत सिंह रावत, उ.नि. राजीव धारीवाल, और अन्य कांस्टेबल शामिल थे, जिन्होंने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।

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