देहरादून(आरएनएस)। जिला पंचायत अध्यक्ष और क्षेत्र पंचायत प्रमुखों के लिए 14 अगस्त को होने वाले मतदान के लिए चुनावी बिसात बिछ गई है। नव निर्वाचित जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य अपने-अपने खेमों में डेरा डाले हुए हैं। जिनकी निष्ठा पर किसी तरह का शक नहीं है, वह अभी भी क्षेत्र में नजर आ रहे हैं, लेकिन अधिकांश या तो जिले से बाहर हैं, या फिर फोन बंद होने से उनकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही है। फिलहाल भाजपा आठ जिला पंचायत अध्यक्षों और 63 ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशियों की घोषणा कर किलेबंदी कर चुकी है। कांग्रेस अभी तक किसी भी अध्यक्ष या प्रमुख का चेहरा तो घोषित नहीं कर पाई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर नेता पूरी घेरेबंदी में जुटे हैं। रुद्रप्रयाग के देहरादून और दून के हिमाचल में रुद्रप्रयाग जिले के अधिकतर जिला पंचायत सदस्यों के फोन बंद चल रहे हैं। उनके करीबियों के मुताबिक सभी देहरादून में हैं। इधर, देहरादून में कांग्रेस खेमे के जिला पंचायत सदस्यों के हिमाचल में मौजूद होने की सूचना है। कांग्रेस देहरादून में अपने पास बहुमत होने का दावा कर रही है, लेकिन अभी तक जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी घोषित नहीं होने से पार्टी में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। आपदा प्रभावित उत्तरकाशी के सदस्य सहारनपुर पहुंचे आपदा से जूझ रहे उत्तरकाशी जिले के ज्यादातर जिला पंचायत सदस्यों के सहारनपुर में मौजूद होने की सूचना मिल रही है। सभी के फोन बंद चल रहे हैं। फोल्ड धनारी से जिला पंचायत सदस्य जीतकर आई अंशिका के पति महेश ने दावा किया कि उनकी पत्नी समेत 18 सदस्य अभी सहारनपुर में हैं। वहीं, शुक्रवार को भाजपा में शामिल हुए दीपक बिजल्वाण के समर्थक 10 जिला पंचायत सदस्य देहरादून में रुके हैं। बागेश्वर के एक अहम निर्दलीय का फोन बंद बागेश्वर जिले में 19 जिला पंचायत सदस्यों में भाजपा नौ, कांग्रेस छह पर जीतने का दावा कर रही है। चार निर्दलीय भी जीते हैं। जीत के गणित में एक निर्दलीय यहां निर्णायक हो सकता है, जिसका फोन बंद चल रहा है। जबकि बागेश्वर में सात सदस्यों के बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है कि वह कहां हैं। भीमताल, ओखलकांडा और धारी के अधिकांश क्षेत्र पंचायत सदस्य क्षेत्र में ही हैं। हालांकि कुछ बीडीसी मेंबर से संपर्क नहीं हो पा रहा है। रामनगर के 20 क्षेत्र पंचायत सदस्यों के क्षेत्र में नहीं होने की सूचना है। उनके फोन भी नॉट रीचबल चल रहे हैं। सीमावर्ती क्षेत्र से नेपाल पहुंचे हैं सदस्य पिथौरागढ़ जिले में ब्लॉक प्रमुखों को लेकर जबरदस्त खींचतान चल रही है। जिले के 60 क्षेत्र पंचायत सदस्यों में से अधिकांश न तो अपने इलाके में हैं और न उनके फोन मिल रहे हैं। बताया जा रहा है कि प्रमुख पद के दावेदार उन्हें नेपाल ले गए हैं। जबकि चंपावत जिले में जिला पंचायत सदस्य न फोन पर मिल रहे हैं और न ही उनकी लोकेशन मिल रही है। ऊधमसिंहनगर से 15 हैं लापता ऊधमसिंह नगर। जिले में करीब 15 से अधिक नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य अपने घरों में नहीं बताए जा हैं। हालांकि, वह परिजनों के संपर्क हैं। फोन आदि में उनकी बात हो रही है। बताता जा रहा है कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के दावेदारों के वह संपर्क में हैं।

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