हरिद्वार। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जिला कार्यालय सभागार में जन सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों ने 33 समस्याएं दर्ज कराईं, जिनमें से 12 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष समस्याओं को त्वरित निराकरण के लिए संबंधित विभागों को प्रेषित कर दिया गया।
जनसुनवाई में उठाए गए मुद्दे
जनसुनवाई में विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याएं दर्ज कराईं। इनमें ज्वालापुर स्थित जतलेश्वर महादेव मंदिर के सामने भूमि पर अवैध अतिक्रमण को रोकने की मांग, ग्राम दादुपुर में मुख्य मार्ग पर दुकानदारों और कबाड़ियों द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाने की मांग, ग्राम दादूपुर गोविंदपुर में रॉयल गेस्ट हाउस के सामने मुख्य मार्ग पर बारिश के कारण हो रहे कटाव को रोकने की मांग शामिल है।
इसके अलावा, ग्राम प्रधान अन्नेकी हेतमपुर ने फर्जी मार्कशीट के आधार पर चुनाव जीतने की जांच की मांग की। पंकज कुमार निवासी ग्राम अन्नेकी ने ग्राम प्रधान अन्नेकी हेतमपुर द्वारा फर्जी मार्कशीट के आधार पर चुनाव जीता है, इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की। मास्टर अजीम ने दरगाह की साबरी मस्जिद की मरम्मत और रंग रोगन की मांग की।
जिलाधिकारी के निर्देश
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में दर्ज समस्याओं का त्वरित और समयबद्ध तरीके से निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या स्थिलता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का भी त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी जनसुनवाई में दर्ज समस्याओं को गंभीरता से लें और उनका निस्तारण संवेदनशीलता के साथ करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन समस्याओं पर स्थलीय निरीक्षण या मौका मुआयना किया जाना है, उसके लिए तत्काल मौके पर जाकर आवश्यक कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे, अपर जिलाधिकारी पी आर चौहान, मुख्य चिकित्सा अधिकारी आरके सिंह, सचिव एचआरडीए मनीष सिंह, उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा
जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि एल 1 एल 2 पर जो भी शिकायतें लंबित हैं, उन शिकायतों का तत्परता से निस्तारण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या स्थिलता नहीं होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि सभी अधिकारी सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों को गंभीरता से लें और उनका निस्तारण संवेदनशीलता के साथ करें। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने विभाग से संबंधित शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर करें।

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