शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण और 5 लाख की ठगी!

केरल की युवती का आरोप – न्याय के लिए दर-दर भटक रही, पुलिस ने दर्ज नहीं की एफआईआर

देहरादून।  उत्तराखंड की कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। केरल की रहने वाली एक युवती ने टिहरी गढ़वाल निवासी युवक पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने और 5 लाख रुपये की ठगी का सनसनीखेज आरोप लगाया है। पीड़िता का आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस मामला दर्ज करने को तैयार नहीं है, जिससे उसे न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं।

पीड़िता रेशमा जॉन के अनुसार, उसकी मुलाकात आरोपी आशीष सिंह पंवार से लगभग दो वर्ष पूर्व आर्मेनिया देश में हुई थी। दोनों सहकर्मी थे और आरोपी ने लगातार संपर्क बनाए रखकर शादी का भरोसा दिलाया। इसी भरोसे में पीड़िता ने आरोपी को लाखों रुपये भी दिए। आरोप है कि इसी दौरान दिल्ली और हरिद्वार समेत कई स्थानों के होटलों में आरोपी ने शादी का वादा कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।

होटल में मारपीट और मोबाइल तोड़ा
रेशमा जॉन ने 20 जुलाई 2025 को हरिद्वार जनपद के रुड़की स्थित “होटल आरती” की घटना का जिक्र करते हुए बताया कि आरोपी ने उस दिन न केवल शारीरिक शोषण किया, बल्कि उसके साथ मारपीट कर मोबाइल फोन भी तोड़ दिया और मौके से फरार हो गया।

दूसरी शादी की तैयारी में आरोपी!
पीड़िता ने दावा किया है कि अब आरोपी किसी अन्य महिला से शादी करने की तैयारी में है। इससे उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा और मानसिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ा है। पीड़िता का कहना है कि यह सब झूठे विवाह के वादे और भावनात्मक दबाव में हुआ, जिसने उसे मानसिक और शारीरिक रूप से तोड़ दिया है।

पुलिस कार्रवाई से इनकार
पीड़िता ने होटल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल्स और अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराने की बात कही है। उसने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की है। लेकिन पीड़िता का आरोप है कि पुलिस इस मामले में कोई मुकदमा दर्ज करने को तैयार नहीं है।

आरोपी परिवार भी कर रहा बचाव
रेशमा जॉन ने बताया कि आरोपी आशीष सिंह पंवार फरार है और उसके परिजन भी उसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं। अभी तक आरोपी का कोई सुराग नहीं लग पाया है।

प्रशासन की कार्यवाही
यह मामला सिर्फ एक महिला के शोषण का नहीं बल्कि कानून और पुलिस प्रशासन का भी है। यदि पीड़िता ठोस सबूतों के साथ न्याय की गुहार लगा रही है तो पुलिस को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए,ताकि उत्तराखंड की कानून व्यवस्था पर गहरा विश्वास बना रहे।

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