पुलिस अधिकारी खुद को मठाधीश ना समझे- आईजी कुमायूँ

हल्द्वानी। उत्तराखंड की अपराध-मुक्त वातावरण की परिकल्पना को साकार करने के लिए, आईजी कुमायूँ रिद्धिम अग्रवाल ने आज हल्द्वानी में अपराध समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में, उन्होंने पुलिस अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए, जिससे यह साफ हो गया कि कुमाऊँ में अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आईजी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “खुद को मठाधीश न समझें SHOs, अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाएं।” —
आईजी कुमायूँ के कड़े निर्देश: ‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं’
बैठक में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों, गुमशुदा महिलाओं/बालिकाओं के मामलों और आगामी त्योहारों व छात्र संघ चुनावों की सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई। आईजी ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सख्त निर्देश दिए:
अज्ञात शवों की शिनाख्त:
आईजी ने कहा, “किसी शव की पहचान अधर में नहीं रहनी चाहिए।” उन्होंने डीएनए प्रोफाइलिंग, फेस रिकग्निशन जैसी आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर दिया।
लंबित वाहनों और एनडीपीएस मामलों का निस्तारण:
उन्होंने थानों में पड़े वाहनों को “डेड स्टॉक” न समझने की चेतावनी दी और एक महीने के भीतर उनके निस्तारण का आदेश दिया। साथ ही, 2015 तक के लंबित एनडीपीएस मामलों को जल्द से जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए।
गुमशुदा महिलाओं और बालिकाओं के मामले:
आईजी ने कहा, “हर बेटी सुरक्षित घर लौटे – यही पुलिस का संकल्प है।” उन्होंने गुमशुदगी के मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ‘केस ऑफिसर स्कीम’ लागू करने को कहा।
विवेचना और क्षेत्राधिकारियों का कार्य:
आईजी ने लंबित विवेचनाओं पर नाराजगी जताते हुए कहा, “बहाने नहीं, नतीजे चाहिए।” उन्होंने 6 माह से अधिक लंबित मामलों को 15 दिन में निस्तारित करने के आदेश दिए।
चुनाव, त्योहार और सुरक्षा: आईजी के विशेष निर्देश
छात्र संघ चुनाव:
आईजी ने छात्र संघ चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव के दौरान कोई गंभीर आपराधिक घटना होती है और उसमें पुलिस की लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ 24 घंटे के भीतर निलंबन की कार्रवाई होगी।
नंदा देवी मेले की सुरक्षा:
हरिद्वार की दुखद घटना का हवाला देते हुए, उन्होंने नंदा देवी मेले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने का आदेश दिया। भीड़ नियंत्रण, पार्किंग, सीसीटीवी और बिजली की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों से एफिडेविट लेने को भी कहा गया।
जनता का विश्वास:
आईजी अग्रवाल ने चिटफंड जैसी योजनाओं में जनता का पैसा हड़पने वाले लोगों की सूची तैयार कर उन पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से जनता का पुलिस पर विश्वास मजबूत होगा।
मिशन संवाद:
पुलिस कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए शुरू किए गए ‘मिशन संवाद’ ऐप का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि यह ऐप पुलिसकर्मियों को तनाव से मुक्ति और परामर्श प्रदान करने में मदद करेगा।

आईजी ने अपनी बात का अंत इस संदेश के साथ किया कि अपराध नियंत्रण ही कुमायूँ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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