ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय में 10 बीआईएस स्टूडेंट चैप्टर्स और बीआईएस कॉर्नर का शुभारंभ

छात्रों को मानक विकास व शोध में योगदान हेतु किया प्रेरित, 125 से अधिक प्रतिभागियों की उपस्थिति में हुआ ऐतिहासिक आयोजन

देहरादून।  शिक्षा जगत और उद्योग के बीच तालमेल को नई दिशा देने के उद्देश्य से ग्राफिक एरा (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) ने भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के सहयोग से एक ऐतिहासिक पहल की है। बुधवार, 27 अगस्त 2025 को विश्वविद्यालय परिसर में एक साथ 10 बीआईएस स्टूडेंट चैप्टर्स और बीआईएस कॉर्नर का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मेंटर्स ओरिएंटेशन प्रोग्राम का भी आयोजन हुआ, जिसमें 125 से अधिक छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकों और गणमान्य व्यक्तियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ
मुख्य अतिथि स्नेहलता, उप महानिदेशक (उत्तर क्षेत्र), भारतीय मानक ब्यूरो ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में ग्राफिक एरा को इस अनूठी पहल के लिए बधाई दी और छात्रों से मानक विकास तथा शोध कार्यों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा –
“भारतीय मानक ब्यूरो देश की राष्ट्रीय मानक संस्था के रूप में शिक्षा जगत के साथ मिलकर गुणवत्ता संस्कृति को सशक्त बनाने हेतु निरंतर प्रयासरत है। छात्रों की भागीदारी से यह प्रयास और भी सार्थक होगा।”

विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर गर्व
कार्यक्रम में कुलपति प्रो. नरपींदर सिंह, प्रो. ब्रजेश प्रसाद (नोडल चेयर, BIS) और सौरभ तिवारी, निदेशक एवं प्रमुख, बीआईएस देहरादून शाखा भी मौजूद रहे।
अपने स्वागत भाषण में प्रो. ब्रजेश प्रसाद ने विश्वविद्यालय की अकादमिक और शोध उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बीआईएस के साथ हुआ यह समझौता संस्थान और छात्रों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा।

देश का पहला निजी विश्वविद्यालय – बीआईएस निदेशक
बीआईएस देहरादून शाखा के निदेशक एवं प्रमुख सौरभ तिवारी ने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि –
“ग्राफिक एरा देश का पहला निजी विश्वविद्यालय है जहाँ एक साथ 10 स्टूडेंट चैप्टर्स और बीआईएस कॉर्नर की स्थापना की गई है। यह कदम छात्रों को न सिर्फ मानकों की समीक्षा में बल्कि नए मानकों के विकास में भी योगदान देने का अवसर देगा।”
उन्होंने आगामी आईईसी जनरल मीटिंग (15-17 सितम्बर, 2025) की जानकारी भी छात्रों के साथ साझा की।

उद्योग और शिक्षा जगत के बीच मजबूत पुल
कुलपति प्रो. नरपींदर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए भारतीय मानकों का अनुभव होना आवश्यक है, जिससे उद्योग और अकादमिक क्षेत्र के बीच सहयोग और मजबूती आएगी। उन्होंने बीआईएस को शोध कार्यों में सहयोग देने का आमंत्रण भी दिया।
मैकेनिकल, एयरोस्पेस, सिविल, बायोटेक्नोलॉजी, फूड टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स, एनवायरनमेंट साइंस, एलाइड साइंस, इलेक्ट्रिकल इंजरिनिंग आदि 10 विभागों में स्टूडेंट चैप्टर शुरू कर दिए गए। आने वाले समय में छात्र-छात्राओं के लिए विशेष कार्यशालाओं, राष्ट्रीय स्तर के सेमिनारों और इंटर्नशिप कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। जो उन्हें उद्योग जगत से प्रत्यक्ष जुड़ाव दिलाते हुए वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बनाएगा।

बीआईएस कॉर्नर और मेंटर्स ओरिएंटेशन
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के संतोष आनंद पुस्तकालय में बीआईएस कॉर्नर का भी शुभारंभ हुआ। इसके साथ ही मेंटर्स ओरिएंटेशन सत्र का आयोजन किया गया, जिसका संचालन सौरभ कुमार चौरसिया, सहायक निदेशक, बीआईएस देहरादून ने किया। इस सत्र में रिम्पी गर्ग ने स्टूडेंट चैप्टर्स की गतिविधियों और उद्देश्यों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

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