
देहरादून। उत्तराखंड अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष संजय नेगी ने शुक्रवार को विभिन्न शिकायतों पर सुनवाई की। इस दौरान देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर से आए कुल 10 शिकायतकर्ताओं के मामलों पर विचार किया गया।
आयोग के अध्यक्ष ने सबसे पहले शिकायतकर्ताओं का पक्ष सुना। देहरादून के सरोज कुमार के सामान वापसी के मामले में, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून की ओर से आए प्रतिनिधि को तुरंत कार्रवाई कर 15 दिनों के भीतर आयोग को सूचित करने का निर्देश दिया गया।
हरिद्वार की माया देवी के ज्येष्ठता निर्धारण के मामले में कृषि विभाग के निदेशक को सुनवाई में उपस्थित न होने पर आयोग ने नाराजगी व्यक्त की। अध्यक्ष ने फोन पर निदेशक से बात कर मामले का तुरंत निपटारा करने का निर्देश दिया।
ऊधमसिंहनगर के सतबीर सिंह के मामले में, विभाग द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट की एक प्रति शिकायतकर्ता को दी गई। उनसे कहा गया कि यदि उन्हें रिपोर्ट पर कोई आपत्ति है तो वे लिखित में आयोग को बताएं।
मुस्ताक आलम के जीपीएफ से संबंधित मामले में महालेखाकार, पेयजल निगम और लोक निर्माण विभाग के प्रतिनिधियों को बुलाया गया। अध्यक्ष ने सभी विभागों से इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाने के निर्देश दिए।
ऊधमसिंहनगर के हेतराम के भूमि संबंधी धोखाधड़ी के मामले में, तहसीलदार, काशीपुर को तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। वहीं, देहरादून के रोहित शाक्या के बकाया भुगतान और सुरक्षा संबंधी मामले में, पुलिस को तुरंत पीड़ित का पैसा वापस दिलाने के निर्देश दिए गए।
इस दौरान आयोग के सचिव गोरधन सिंह, सदस्य विनोद नाथ, प्रहलाद चौधरी, सतीश पाल, महेंद्र कुमार वर्मा, मोहब्बत सिंह नेगी, सज्जाद अहमद, कमलेश कुमार और चमन लाल भी मौजूद रहे।

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