देहरादून, 31 अगस्त 2025: देहरादून पुलिस ने ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के तहत एक बड़ी कार्रवाई में सेलाकुई क्षेत्र से एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। यह व्यक्ति अपनी पहचान छिपाकर पिछले कई सालों से भारत में अवैध रूप से रह रहा था और खुद को ‘बंगाली डॉक्टर’ बताकर एक क्लिनिक चला रहा था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून को मिली एक गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू की। एलआईयू यूनिट की टीम ने सेलाकुई के कैंचीवाला धूमनगर चौक से संदिग्ध व्यक्ति अमित कुमार को हिरासत में लिया। शुरुआती पूछताछ में उसने अपना नाम अमित कुमार, निवासी पश्चिम बंगाल बताया, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपनी असली पहचान उजागर की। उसका वास्तविक नाम चयन अधिकारी है और वह मूल रूप से बांग्लादेश के जेसोर जिले का रहने वाला है।
पुलिस को उसके पास से भारत में अवैध रूप से बनाए गए जाली दस्तावेज, जिसमें एक आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस शामिल हैं, बरामद हुए हैं। पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वह 2017-18 में बांग्लादेशी पासपोर्ट पर भारत आया था। वह उत्तर प्रदेश के संभल में अपने ताऊ शंकर के पास पहुंचा, जो एक बंगाली क्लिनिक चलाते थे। वहां उसने मेडिकल का काम सीखा और अपनी पहचान छिपाने के लिए जाली दस्तावेज बनवा लिए। 2022 में ताऊ की मृत्यु के बाद पकड़े जाने के डर से उसने अपना बांग्लादेशी पासपोर्ट जला दिया और भारतीय पहचान पत्रों के आधार पर अलग-अलग जगहों पर काम करने लगा। पिछले कुछ महीनों से वह सेलाकुई में एक अवैध बंगाली क्लिनिक चला रहा था।
अवैध रूप से भारत में रहने और जाली दस्तावेज बनाने के आरोप में उसके खिलाफ सेलाकुई थाने में मामला दर्ज किया गया है। वर्तमान में, विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां, जिनमें एलआईयू, स्पेशल ब्रांच, एसओजी और आईबी शामिल हैं, उससे गहन पूछताछ कर रही हैं।
देहरादून पुलिस का ‘ऑपरेशन कालनेमि’: बांग्लादेशी डॉक्टर गिरफ्तार
ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page

Recent Comments