नई दिल्ली। देश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश, बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न संकट के बीच केंद्र सरकार ने राहत और पुनर्वास कार्यों को तेज करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार प्रभावित राज्यों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के निर्देश पर गृह मंत्रालय ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में आपदा से हुए नुकसान के आकलन के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दलों (IMCTs) का गठन किया है। ये दल अगले सप्ताह की शुरुआत में प्रभावित जिलों का दौरा करेंगे और मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेंगे।
IMCTs राज्य सरकारों द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों का मूल्यांकन करेंगे और केंद्र को रिपोर्ट सौंपेंगे। इन दलों का नेतृत्व गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी करेंगे। दलों में वित्त, कृषि, जल शक्ति, ऊर्जा, सड़क परिवहन, ग्रामीण विकास जैसे मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
हिमाचल प्रदेश में पहले ही एक केंद्रीय दल और एक बहु-क्षेत्रीय टीम दौरा कर चुकी है। अब अन्य राज्यों में भी इसी तरह की कार्रवाई की जा रही है। गृह मंत्रालय ने संबंधित राज्यों के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर लिया है और आवश्यक लॉजिस्टिक सहायता जैसे NDRF, सेना और वायुसेना के हेलीकॉप्टरों की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है।
गृह मंत्री अमित शाह के अगस्त 2019 के निर्णय के अनुसार, अब गृह मंत्रालय राज्य सरकारों के ज्ञापन की प्रतीक्षा किए बिना गंभीर आपदा के तुरंत बाद केंद्रीय दलों का गठन करता है ताकि नुकसान का त्वरित आकलन किया जा सके।
IMCT की रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार स्थापित प्रक्रिया के तहत राज्यों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार ने 24 राज्यों को SDRF में ₹10,498.80 करोड़, 12 राज्यों को NDRF से ₹1,988.91 करोड़, 20 राज्यों को SDMF से ₹3,274.90 करोड़ और 9 राज्यों को NDMF से ₹372.09 करोड़ जारी किए हैं, ताकि प्रभावित लोगों को तत्काल राहत मिल सके।

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