बीजिंग ,03 सितंबर । भारत के साथ टैरिफ वॉर में उलझे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब अपने ही देश में चौतरफा घिरते नजर आ रहे हैं। श्रमिक दिवस के अवसर पर, हजारों की संख्या में अमेरिकी कामगारों ने राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। न्यूयॉर्क, शिकागो, और वाशिंगटन डीसी समेत कई बड़े शहरों में प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर ‘ट्रंप वापस जाओÓ के नारे लगाए।
न्यूयॉर्क में, प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति ट्रंप के आवास के बाहर इक_ा हुए और उनकी श्रमिक विरोधी नीतियों का पुरजोर विरोध किया। शिकागो में ‘वन फेयर वेजÓ संगठन के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी की समस्या को उजागर करना था। गौरतलब है कि अमेरिका में न्यूनतम संघीय मजदूरी मात्र 7.25 डॉलर प्रति घंटा है। शिकागो स्थित ट्रंप टॉवर के बाहर प्रदर्शनकारियों ने नेशनल गार्ड नहीं चाहिए और उसे जेल में डालो जैसे नारे भी लगाए।
राजधानी वॉशिंगटन डीसी और सैन फ्रांसिस्को में भी स्थिति कुछ ऐसी ही रही, जहाँ बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों के हाथों में इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट का अतिक्रमण बंद करो और डीसी को मुक्त करो, नकाबपोश गुंडे नहीं चाहिए जैसे संदेशों वाले बैनर और पोस्टर देखे गए।
इसी बीच, ट्रंप प्रशासन को एक कानूनी झटका भी लगा है। अमेरिका के एक संघीय न्यायाधीश ने मंगलवार को दक्षिणी कैलिफोर्निया में आप्रवासन प्रवर्तन के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए नेशनल गार्ड के इस्तेमाल को अवैध करार दिया है। इस फैसले से प्रदर्शनकारियों के हौसले और बुलंद हो गए हैं
बाहर टैरिफ वॉर, अंदर अपनी ही जनता का विरोध: मुश्किल में घिरे राष्ट्रपति, ‘ट्रंप वापस जाओ के लगे नारे
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