देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में जिला प्रशासन देहरादून द्वारा बाल भिक्षावृत्ति और बाल मजदूरी से रेस्क्यू किए जा रहे बच्चों के मनोबल बढ़ाने और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर बनाया गया है। इस सेंटर के माध्यम से बच्चों को भिक्षावृत्ति की विवशता से निकालकर शिक्षा के अधिकार से जोड़ा जा रहा है।
अंतरविभागीय टीम का गठन
इस कार्यक्रम के अंतर्गत 3 रेस्क्यू वाहनों के साथ अंतरविभागीय टीम गठित की गई है, जिसमें होमगार्ड, चाइल्ड हेल्पलाइन, शिक्षा विभाग, श्रम विभाग, पुलिस विभाग और कई गैर-सरकारी संस्थाओं को शामिल किया गया है। जिला प्रशासन की टीम द्वारा पहले चरण में 51 बच्चों को रेस्क्यू कराकर विभिन्न स्कूलों में डाला जा चुका है।
दूसरे चरण में 31 बच्चों को स्कूलों में दाखिला
दूसरे चरण में 31 बच्चों को राजकीय प्राथमिक विद्यालय परेड ग्राउंड और साधूराम इंटर कॉलेज में दाखिला दिलाया गया है। इसके अलावा, रेस्क्यू किए बच्चों के लिए डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक की लागत से साधूराम इंटर कॉलेज में इंटेसिव केयर सेंटर का निर्माण भी किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री का संकल्प
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हम इस प्रयास को तब तक जारी रखेंगे, जब तक हमारे राज्य का प्रत्येक बच्चा स्कूल नहीं जाने लगता। जिला प्रशासन की इस पहल से निश्चित रूप से बाल भिक्षावृत्ति और बाल मजदूरी की समस्या पर अंकुश लगाया जा सकेगा और बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकेगा।

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