डॉनल्ड ट्रंप का अमेरिका कहीं विश्व में अलग थलग न पड़ जाए

अजय दीक्षित
आज चाइना  के 70वे विक्ट्री डे परेड के मौक पर बीजिंग से एक संदेश निकला है कि विश्व में अब अमेरिका की एक तरह से दादागिरी नहीं चलेगी।इस मौके पर रूस के राष्ट्रपति वालीडमार पुतिन, नॉर्थ कोरिया के राष्ट्रपति किंग जोंग , चाइना के राष्ट्रपति सी जिंग पिंग, फिनलैंड और तमाम यूरोपीय देशों के 26 शासनाध्यक्ष  मौजूद थे।इस दौरान  चाइना ने अपनी सैन्य ताकत का भी प्रदर्शन किया।चाइना ने विक्ट्री डे के ठीक दो दिन पहले शंघाई सहयोग संगठन की बैठक भी कूटनीतिक स्तर पर आयोजित की थी जिससे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहे थे। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप,को बुलाया नहीं गया था। दूसरी ओर डॉनल्ड ट्रंप ने आज कहा है कि बीजिंग में पुतिन,सी जिंग पिंग, और किंग जोंग अमेरिका के खिलाफ साजिश रच रहे हैं।एक ओर महत्वपूर्ण बयान फ्रांस के राष्ट्रपति ने पेरिस से दिया कि भारत को टैरिफ के नाम पर प्रताड़ित करना अमेरिका और पश्चिमी देशों के लिए ठीक नहीं है।इससे नाटो देशों की भावना कमजोर होगी।
ऐसा लगता है कि चाइना के राष्ट्रपति सी जिंग पिंग इस समय का इंतजार कर रहे थे कि कब भारत अमेरिका से अलग रास्ते पर चल पड़े। दरअसल इस समय रूस यूक्रेन युद्ध को लेकर पूरी दुनिया दो फाड़ हो गई है।1990 में सोवियत संघ के विघटन के बाद पहला मौका है जब अमेरिका जो चाहता वह हो नहीं पाया है।रूस ने युद्ध बंद करने से मना कर दिया और अब वह पूरे यूक्रेन पर कब्जा करने की जुगाड में है।
रूस पर दबाव बनाने के लिए अमेरिका ने इस लिए भारत पर पच्चीस फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाया कि भारत रूस से सस्ती दरों पर काफी क्रूड ऑयल खरीद रहा है और रूस की अर्थ व्यवस्था को मजबूत करने का काम कर रहा है जबकि चीन भी ऐसा ही कर रहा है।
दूसरी ओर अमेरिका चाहता है कि भारत पुतिन से रक्षा समझौता ब उपकरण हेलीकॉप्टर मिसाइल ड्रोन राइफल फाइटर जेट्स,कम मात्र में खरीदे बल्कि अमेरिका से डील करे ।
यूएस प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप के कारनामे के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका दौरा भी रद्द कर दिया है और डोनॉल्ड ट्रंप भी भारत नहीं आ रहे हैं।
चाइना अब उस स्थिति में आ गया है कि वह विश्व लीडर बन सके।उसका वित्तीय विकास बहुत ही अच्छा है। दूसरे पायदान की अर्थव्यवस्था है ।अब वह भी गोलबंदी में लगा है
भारत ही उसकी कमजोर कड़ी थी क्योंकि भारत भी रिकॉर्ड 7 फीसदी जीडीपी ग्रोथ रेट से बढ़ रहा है।वह भी विश्व की चौथी सबसे बड़ी आर्थिक व्यवस्था है।हो सकता एक दशक में तीसरे स्थान पर आ जाएगा।
ट्रंप ने चाइना को यह अवसर दिया है कि वह भारत के साथ काम करे । इस समय यूरोपीय देशों में फ्रांस जर्मनी इटली ब्राजील ऑस्ट्रेलिया साउथ अफ्रीका न्यूजीलैंड इंग्लैंड, अमेरिका की नीतियों से सन्तुष्ट नहीं है क्योंकि युक्रेन युद्ध में अमेरिका की भूमिका को रूस तब्बजो नहीं दे रहा है।

( लेख में व्यक्त विचार निजी है )

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