नशा मुक्ति अभियान: अपर एडीजी ने दिए अहम निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड पुलिस ने राज्य में नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध व्यापार के खिलाफ चल रहे अभियान को और तेज करते हुए एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) श्री वी. मुरुगेशन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गढ़वाल एवं कुमाऊं रेंज तथा सभी जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ एनडीपीएस एक्ट (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act) के तहत वाणिज्यिक मात्रा से संबंधित लंबित अभियोगों की विस्तृत समीक्षा की।

इस बैठक में अपर एडीजी महोदय ने सभी जनपद प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जनपदों में लंबित विवेचनाओं की व्यक्तिगत निगरानी करें और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से पूरा कराएं। साथ ही, राज्य स्तरीय एएनटीएफ (ANTF), एसटीएफ (STF) और जनपद स्तरीय एएनटीएफ के कार्मिकों को नशीले पदार्थों की बरामदगी बढ़ाने और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए निगरानी, इंटेलिजेंस संग्रह और चेकिंग अभियानों को और प्रभावी बनाने का आदेश दिया गया।

बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश इस प्रकार हैं:

  1. शीघ्र निस्तारण: वर्ष 2023 से लंबित अभियोगों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। वर्ष 2024-25 के लंबित मामलों में फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक का पता लगाकर एनडीपीएस एक्ट की धारा 27-ए (वाणिज्यिक मात्रा) और धारा 29 (साजिश) के तहत कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
  2. अवैध संपत्ति अधिग्रहण: पेशेवर अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही करते हुए उनकी अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को अधिग्रहित किया जाए। एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 के तहत त्वरित वित्तीय जांच कराकर अवैध संपत्ति जब्त की जाए।
  3. नेटवर्क ध्वस्त करना: गिरफ्तार अभियुक्तों की कस्टडी रिमांड लेकर उनसे और बरामदगी एवं तलाशी कराई जाए, ताकि उनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके।
  4. मानस पोर्टल का उपयोग: अभियुक्तों की अपराधी पृष्ठभूमि जानने के लिए केंद्रीकृत मानस पोर्टल (MANAS Portal) का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए और उनकी आपराधिक हिस्ट्री संकलित कर सख्त कार्यवाही की जाए।
  5. विवेचकों को प्रशिक्षण: प्रत्येक विवेचक को ड्रग्स एवं साइकोट्रोपिक पदार्थों के रासायनिक नामों और एनडीपीएस एक्ट की सारणी के प्रावधानों की पूरी जानकारी दी जाए और इसकी नियमित समीक्षा की जाए।
  6. कुख्यात तस्करों पर फोकस: कुख्यात ड्रग तस्करों से संबंधित लंबित अभियोगों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

यह समीक्षा बैठक उत्तराखंड पुलिस की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि राज्य में नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार से निपटने और युवाओं को इसकी गंभीर चपेट में आने से बचाने के लिए हर संभव कड़ा कदम उठाया जाएगा। पुलिस प्रशासन द्वारा इस दिशा में लगातार गहन कार्यवाही जारी है।

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