नशा माफियाओं पर आई जी कुमाऊं की सख्त नजर, 215 तस्करों पर गहन निगरानी

हर संदिग्ध की जांच के लिए एक-एक उपनिरीक्षक तैनात, हर महीने जमा करनी होगी रिपोर्ट

नैनीताल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘ड्रग्स फ्री उत्तराखंड’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए कुमाऊं पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ एक बड़ा और ठोस कदम उठाया है। कुमाऊं आईजी रिद्धिम अग्रवाल के निर्देश पर पूरे परिक्षेत्र के 215 आदतन नशा तस्करों, जिन पर दो या दो से अधिक मामले दर्ज हैं, पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

इस नई रणनीति के तहत हर संदिग्ध की निगरानी की जिम्मेदारी एक-एक उपनिरीक्षक (एसआई) और अपर उपनिरीक्षक (एएसआई) को सौंपी गई है। इन अधिकारियों को संदिग्धों की आजीविका, रहन-सहन और दैनिक गतिविधियों की गहन जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि यदि कोई संदिग्ध फिर से नशा तस्करी में पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नशा कारोबारियों को कानून के शिकंजे से बचने नहीं दिया जाएगा।

निगरानी की प्रगति की नियमित समीक्षा के लिए एक सख्त रिपोर्टिंग व्यवस्था भी बनाई गई है। क्षेत्राधिकारी रोजाना और एसपी स्तर के अधिकारी हर सप्ताह इसकी समीक्षा करेंगे। साथ ही, हर महीने की 10 तारीख तक इसकी विस्तृत रिपोर्ट आईजी कार्यालय में जमा करना अनिवार्य होगा। इस कार्रवाई का मकसद नशा माफियाओं की हर हरकत पर नजर रखना और उन्हें कानून के कटघरे में लाना है।

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