देहरादून। ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में सोमवार से शुरू हुए पांच दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम (एफडीपी) में विशेषज्ञों ने शिक्षा को मानवीय मूल्यों से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम का आयोजन यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यू सेल द्वारा किया गया है, जिसमें शिक्षण के मानवीय दृष्टिकोण को नवाचार के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है।
एफडीपी के उद्घाटन सत्र में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. नरपिंदर सिंह ने कहा कि मूल्य आधारित शिक्षा ही छात्रों को जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाती है। उन्होंने कहा कि नैतिकता, करुणा और दया जैसे गुण न केवल व्यक्तिगत जीवन को समृद्ध करते हैं, बल्कि कार्यस्थल और समाज में भी सकारात्मक प्रभाव डालते हैं।
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) के विशेषज्ञ डॉ. हिमांश कुमार राय ने कहा कि मानवता के बीज से ही ईमानदारी, सहानुभूति और शिक्षक सम्मान जैसे गुणों का विकास होता है। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे छात्रों में इन मूल्यों को रोपित करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएं।
प्रो-वाइस चांसलर डॉ. संतोष एस. नायडू ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे तकनीकी बदलावों के दौर में शिक्षा को मानवीय दृष्टिकोण से जोड़ना और शिक्षण समाज का निर्माण करना अत्यंत आवश्यक हो गया है।
कार्यक्रम में मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग की अध्यक्ष डॉ. प्रतिभा लामा, यूएचवी को-ऑर्डिनेटर डॉ. ऋचा थपलियाल, डॉ. अनुराग छात्र, डॉ. चंद्र किशोर, डॉ. आकाश मिश्रा, डॉ. संतोषी शाह और आशुवेन्द्र सिंह सहित कई शिक्षाविदों ने भाग लिया।
एफडीपी के आगामी सत्रों में शिक्षकों को मूल्य आधारित शिक्षण के व्यावहारिक और नवाचारी तरीकों से परिचित कराया जाएगा।

Recent Comments