देहरादून । उत्तराखंड ट्राइबल एडवाइजरी काउंसिल के उपाध्यक्ष गीता राम गौड़ ने जिलाधिकारी को एक पत्र लिखकर परेड ग्राउंड और गांधी पार्क क्षेत्र में चल रहे धरने-प्रदर्शनों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पत्र में दावा किया गया है कि यह प्रदर्शन भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 163 के प्रावधानों का उल्लंघन है।
गौड़ के पत्र के अनुसार, गांधी पार्क और परेड ग्राउंड के आस-पास के क्षेत्र में आईपीसी की धारा 163 लागू है, जो विशिष्ट सार्वजनिक स्थलों पर धरना-प्रदर्शन, जमावड़ा तथा विस्फोटक या आतिशबाजी जैसी वस्तुओं के उपयोग पर प्रतिबंध लगाती है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि ‘बेरोजगार संघ’ के बैनर तले पिछले तीन-चार दिनों से परेड मैदान में किया जा रहा धरना-प्रदर्शन इसी धारा का सीधा उल्लंघन है।

पत्र में यह भी कहा गया है कि दिल्ली, हरियाणा सहित अन्य राज्यों से आए प्रदर्शनकारी, जिनकी संख्या हजारों में बताई जा रही है, सरकार के विरुद्ध देशद्रोही नारे लगा रहे हैं। आरोप है कि यहाँ से ‘आजादी दिलाने’ जैसे नारे लगाए जा रहे हैं, सनातन हिंदू धर्म तथा भगवा ध्वज का अपमान किया जा रहा है और युवाओं को भड़काया जा रहा है, जिससे सार्वजनिक शांति भंग होने तथा साम्प्रदायिक तनाव फैलने का खतरा पैदा हो गया है।
गौड़ ने जिलाधिकारी से मांग की है कि यदि एक घंटे के भीतर इस प्रदर्शन को समाप्त नहीं कराया गया और प्रदर्शनकारियों को हटाया नहीं गया, तो उत्तराखंड ट्राइबल एडवाइजरी काउंसिल तथा ‘वंदे मातरम ब्रिगेड’ के कार्यकर्ता स्वयं परेड मैदान में पहुँच कर विरोध-प्रदर्शन करेंगे। पत्र में चेतावनी दी गई है कि ऐसी स्थिति में होने वाले किसी भी टकराव या अशांति की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

इस मांग पत्र पर संजय तोमर, नरेश तोमर, रामेश्ता, गजेंद्र जोशी, नीरज चौहान, राकेश चौहान सहित कई लोगों के हस्ताक्षर हैं। प्रशासन की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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