“नकल विरोधी कानून की जांच में जुटी एसआईटी पहुंची टिहरी, अभ्यर्थियों से किया जनसंवाद”


टिहरी । उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम एवं उपाय) अध्यादेश 2023 के तहत पंजीकृत अभियोग की निष्पक्ष जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) सोमवार को टिहरी कलेक्ट्रेट परिसर पहुंची। यहां एसआईटी ने UKSSSC द्वारा आयोजित स्नातक स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा में प्रश्न पत्रों के फोटो आउट होने की शिकायतों के संबंध में अभ्यर्थियों, छात्र-छात्राओं एवं अन्य नागरिकों से जनसंवाद किया।

जनसंवाद के दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने परीक्षा से जुड़ी अपनी शंकाएं एसआईटी के समक्ष रखीं। कई छात्र-छात्राओं ने लिखित रूप में भी अपनी आपत्तियाँ और सुझाव प्रस्तुत किए, जिन्हें एसआईटी ने लिपिबद्ध कर संज्ञान में लिया। ये सुझाव परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं सुधारात्मक बनाने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं।

एसआईटी ने स्पष्ट किया कि सभी प्राप्त शंकाओं और सुझावों को मा० उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति महोदय, जो जांच की निगरानी कर रहे हैं, के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और तथ्यपरक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

संवाद के दौरान अभ्यर्थियों ने यह भी साझा किया कि विगत वर्षों में आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में सुरक्षा व्यवस्था और चैकिंग/फ्रिक्सिंग के सख्त मानक अपनाए गए थे, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता बनी रही। उन्होंने आग्रह किया कि भविष्य की परीक्षाओं में भी इन मानकों से कोई समझौता न किया जाए।

यह पहल न केवल परीक्षा की पारदर्शिता को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि अभ्यर्थियों की आवाज को सीधे जांच प्रक्रिया से जोड़ने का प्रयास भी है।

जनसंवाद की यह प्रक्रिया युवाओं में विश्वास बहाली और परीक्षा प्रणाली की मजबूती की दिशा में एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments