शराबकांड में फंसे राजपुर एसओ की जांच ट्रैफिक एसपी को सौंपी
देहरादून। उत्तराखंड पुलिस में अनुशासन की नई लहर चलने वाली है। गढ़वाल रेंज के आईजी राजीव स्वरूप ने गुरुवार को देहरादून के सभी थाना प्रभारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त न करने के कड़े निर्देश जारी किए गए। इस कदम का मकसद पुलिस अधिकारियों की कार्यप्रणाली और जन-व्यवहार की गहन पड़ताल करना है, ताकि जनता का विश्वास मजबूत हो सके।
पुलिस मुख्यालय के आदेश पर जल्द ही पूरे राज्य के थाना प्रभारियों का व्यापक ऑडिट शुरू होने वाला है। आईजी स्वरूप ने स्पष्ट किया कि यह ऑडिट उनकी दैनिक कार्यशैली, जवाबदेही और नागरिकों से संवाद पर केंद्रित होगा। बैठक के दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि कॉल न उठाने या अन्य लापरवाहियों वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। “पुलिस का कर्तव्य न केवल अपराध रोकना है, बल्कि जनसेवा का प्रतीक बनना भी है। कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी,” उन्होंने बैठक में अधिकारियों को चेतावनी दी।
इसी क्रम में एक ताजा घटना ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। बुधवार रात राजपुर थाने के तत्कालीन प्रभारी सैंकी कुमार पर शराब के नशे में कार दुर्घटनाग्रस्त करने का आरोप लगा है। इस मामले की जांच एसपी ट्रैफिक लोकजीत सिंह को सौंप दी गई है। आईजी स्वरूप ने गुरुवार को पुलिस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा, “ऐसी घटनाएं पुलिस की छवि को धूमिल करती हैं। जांच पूरी होते ही उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
यह कदम उत्तराखंड पुलिस के लिए एक सबक साबित हो सकता है, जहां हालिया महीनों में अनुशासन संबंधी शिकायतें बढ़ी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऑडिट प्रक्रिया से न केवल कमजोर कड़ियां मजबूत होंगी, बल्कि अपराध नियंत्रण में भी सहायता मिलेगी। फिलहाल, थाना प्रभारी स्तर पर सतर्कता बढ़ाने के निर्देश जारी हैं, और जनता से अपील की गई है कि ऐसी अनियमितताओं की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

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