देहरादून, 24 अक्टूबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को विजयदशमी के पावन अवसर पर परेड ग्राउंड में आयोजित ऐतिहासिक दशहरा महोत्सव में शिरकत कर रावण दहन का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने प्रदेशवासियों को विजयदशमी की बधाई देते हुए कहा कि यह त्योहार हमें अहंकार के विनाश और धर्म की जीत का संदेश देता है।धामी ने कहा कि आज विजयदशमी पर्व पर भगवान इंद्र भी प्रत्यक्ष रूप से हमारे बीच आ गए है।
अपने भीतर के रावण को जलाने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, “आज हमें यहां सिर्फ पुतला दहन नहीं करना है, बल्कि इस त्योहार से प्रेरणा लेकर हम सभी को अपने अंदर की बुराइयों का त्याग कर सत्य, धर्म और मानवता की राह पर चलने का संकल्प भी लेना है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि रावण के पास सोने की लंका और शक्तिशाली सेना थी, लेकिन अहंकार और अधर्म के कारण उसका अंत निश्चित था।


राम के आदर्शों को जीवन में उतारने का आह्वान
धामी ने भगवान राम के जीवन प्रसंगों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने कितनी भी विपरीत परिस्थितियों का सामना क्यों न किया, वे कभी अपने सिद्धांतों और मर्यादा से नहीं डिगे। “श्रीराम का जीवन हमें सिखाता है कि अपने मन में करुणा और प्रेम का भाव रखना चाहिए। यह त्योहार हमारी सांस्कृतिक धरोहर का अमूल्य हिस्सा है जो धर्म, सत्य और मर्यादा के महत्व का बोध कराता है।”


आत्मनिर्भर भारत के संकल्प में योगदान का आग्रह
मुख्यमंत्री ने विजयदशमी के अवसर पर सभी उत्तराखंडवासियों से एक साथ तीन संकल्प लेने का आह्वान किया: अपने अंदर की बुराइयों को त्यागने का, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में योगदान देने का, और देश को विश्व गुरु बनाने के लिए मिलकर काम करने का। उन्होंने जीएसटी पर केंद्र सरकार के सकारात्मक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार भी व्यक्त किया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में नगरवासियों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिसने परेड ग्राउंड के मैदान में उत्सव का वातावरण बना दिया।

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