कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यालयों के लिए बनेगी विशेष सुधार योजना: DM स्वाति भदौरिया

शिक्षा गुणवत्ता सुधार की अभिनव पहल: गत बोर्ड परीक्षा में कम प्रदर्शन वाले विद्यालयों में हुई केंद्रीकृत परीक्षा

जिलाधिकारी का अभिनव प्रयोग बोर्ड परीक्षा सुधार की दिशा में साबित होगा बड़ा कदम

जनपद पौड़ी में शिक्षा सुधार का रोडमैप तैयार

पौड़ी । जनपद पौड़ी में बोर्ड परीक्षार्थियों की मासिक परीक्षाओं का केंद्रीकृत मूल्यांकन कर शिक्षा की गुणवत्ता परखने की अभिनव पहल शुरू की गयी है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशानुसार कम परीक्षा परिणाम वाले विद्यालयों (हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट स्तर) को चिन्हित कर प्रथम चरण में परीक्षा परिणामों का विश्लेषण किया गया।

जिलाधिकारी ने बताया कि बोर्ड परीक्षा परिणामों का विश्लेषण करने में सामने आया था कि कतिपय विद्यालयों में बोर्ड परीक्षार्थियों के प्रदर्शन में निरंतर कमी आ रही थी। इस संबंध में मुख्य शिक्षाधिकारी को पूर्व में निर्देश जारी किए गए थे। उन्होंने बताया कि जिले में उन माध्यमिक विद्यालयों में, जिनमें परीक्षा परिणाम गुणवत्तापूर्ण नहीं थे, उनमें शिक्षा सत्र 2025-26 के हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के छात्रों को मासिक परीक्षा का मूल्यांकन किया गया। परीक्षा मूल्यांकन के लिए समस्त विकासखंडों के खंड शिक्षाधिकारियों को नामित किया गया था। डायट विशेषज्ञों एवं अन्य विद्यालयों के शिक्षकों तथा खंड शिक्षाधिकारियों की समिति बनायी गयी थी, जिसके द्वारा केंद्रीकृत परीक्षाएं आयोजित की गयीं। इसके बाद ग्रेडिंग के आधार पर सूची जारी की गयी।
उन्होंने बताया कि बेहतर परिणाम लाने के साथ ही कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यालयों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे विद्यालयों की पहचान कर वहां विशेष शैक्षिक सुधार योजना लागू की जा रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि विद्यार्थियों की तैयारी को और मजबूत बनाने के लिए आगामी महीनों में तीन अतिरिक्त टेस्ट आयोजित किए जाएंगे। साथ ही मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि जिन विद्यालयों में छात्रों का प्रदर्शन लगातार न्यून रहता है, वहां विशेष निगरानी रखी जाए।

अगस्त माह में आयोजित अधिवर्षीय मासिक परीक्षाओं के आधार पर कुल 62 विद्यालयों को चिन्हित किया गया। इनमें से सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यालयों में इंटरमीडिएट स्तर पर प्रथम स्थान पर राजकीय इंटर कॉलेज घोडियानाखाल (विकासखंड बीरोंखाल), द्वितीय स्थान पर राजकीय इंटर कॉलेज एकेश्वर तथा तृतीय स्थान पर राजकीय इंटर कॉलेज कालेश्वर रहे। हाईस्कूल स्तर पर राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुल्हाड़ प्रथम, राजकीय इंटर कॉलेज पलोटा द्वितीय तथा राजकीय इंटर कॉलेज पंडेरगांव, मठाली और गड़ीगांव संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहे।

जिलाधिकारी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन वाले विद्यालयों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि छात्रों और शिक्षकों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में जनपद के विद्यालय राज्य स्तर पर भी उदाहरण प्रस्तुत करेंगे।

मुख्य शिक्षा अधिकारी नागेंद्र बर्तवाल ने कहा कि जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को जिला एवं राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा, जबकि कमजोर विद्यालयों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर उन्हें भी समान अवसर दिए जाएंगे।

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