17 अक्टूबर को प्रदेशव्यापी गेट मीटिंग की चेतावनी
देहरादून। उत्तराखंड राज्य कर मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन के कर्मचारियों ने शुक्रवार को मुख्यालय में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। 10 सूत्रीय मांगों पर सरकार की उदासीनता के विरोध में यह आंदोलन का पांचवां दिन था।
एसोसिएशन शाखा मुख्यालय के अध्यक्ष जसवंत खोलिया और शाखा मंत्री पिंकेश रावत के नेतृत्व में राज्य कर भवन लक्ष्मी रोड डालनवाला स्थित मुख्यालय के समस्त कर्मचारियों ने काली पट्टी लगाकर राजकीय कामकाज करते हुए सरकार का विरोध व्यक्त किया।
संगठनात्मक असंतुलन की समस्या
राज्य कर विभाग में मौजूदा स्थिति चिंताजनक है। अधिकारी संवर्ग में कुल स्वीकृत 481 पदों के मुकाबले कर्मचारियों के लिए केवल 777 स्वीकृत पद हैं। यह स्थिति सरकारी कार्यालयों की पारंपरिक पिरामिड संरचना के बिल्कुल विपरीत है।
विभाग की कुल राजस्व प्राप्ति में राज्य कर का योगदान लगभग 50 प्रतिशत है, लेकिन कर्मचारियों के संरचनात्मक ढांचे का पुनर्गठन 2006-07 के बाद से नहीं हुआ है। इसके विपरीत, अधिकारी संवर्ग का 2014-15 और 2024-25 में दो बार पुनर्गठन करके अपर आयुक्त से सहायक आयुक्त तक के नए पद और कार्यालय बनाए गए हैं।
जीएसटी के बाद बढ़ा कार्यभार
01 जुलाई 2017 में जीएसटी लागू होने से पूर्व विभाग में पंजीकृत व्यापारियों की संख्या लगभग 1 लाख थी, जो अब बढ़कर 2 लाख 13 हजार हो गई है। व्यापारियों की संख्या दोगुनी होने से कर्मचारियों पर कार्यभार का अत्यधिक दबाव बना हुआ है, जिससे कर्मिक मानसिक रूप से परेशान हैं।
10 सूत्रीय मांगें
राज्य कर मिनिस्ट्रीयल कार्मिकों की मुख्य मांगों में कर्मचारी ढांचे का पुनर्गठन, राज्य कर अधिकारियों की नई नियमावली निर्माण, समय पर पदोन्नति, परित्याग नियमावली (फोरगो) से विभाग को मुक्त करना और कार्मिकों के लिए आवास व्यवस्था शामिल है।
आंदोलन की पृष्ठभूमि
06 सितंबर को राज्य कर भवन देहरादून में आयोजित प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक में कर्मचारियों की मांगों पर कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं होने के कारण आंदोलन का निर्णय लिया गया था। वर्तमान में यह आंदोलन के द्वितीय चरण का पांचवां दिन है।
विरोध प्रदर्शन में सहयोग
विरोध प्रदर्शन में प्रांतीय सलाहकार मनमोहन नेगी, टीका राम सती, बिरेंद्र तोमर, भूपेंद्र सिंह भंडारी, अनुज जैन, आशीष चंद्र, विकास पंवार, अनुराग चंचल, अनुराग असवाल, अरविंद्र चौहान, अमित कोठारी, संजय, दिपेंद्र, रोजी सिंह, मुकेश और यशवीर सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
अंतिम चेतावनी
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि 16 सितंबर तक कार्मिक हितों की मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही नहीं होती है तो 17 अक्टूबर 2025 को मुख्यालय सहित संपूर्ण प्रदेश की शाखाओं में सुबह 11 बजे से 12 बजे तक एक घंटे की गेट मीटिंग की जाएगी।
कर्मचारी संघ का कहना है कि विगत 20 वर्षों से संरचनात्मक ढांचे के पुनर्गठन के लिए संघर्ष कर रहे कर्मचारियों के प्रति सरकार और शासन का पक्षपातपूर्ण और संरक्षणवादी रवैया खेदजनक है।

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