मुख्यमंत्री से कुम्हारों को मिट्टी उपलब्ध कराने की मांग, कहा—स्थानीय उत्पाद खरीदें, कला और परंपरा बचाएं
देहरादून। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष व संगठन प्रभारी सूर्यकांत धस्माना ने दीपावली पर्व पर “वोकल फॉर लोकल” अभियान की शुरुआत करते हुए राज्यवासियों से स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि दीपावली सिर्फ रोशनी का नहीं, बल्कि देशी हुनर, लोक कला और परंपरा को सम्मान देने का पर्व भी है।
धस्माना शुक्रवार को ईदगाह स्थित कुम्हार मंडी पहुंचे, जहां उन्होंने स्थानीय कुम्हारों द्वारा बनाए गए मिट्टी के दिए, घड़े और गमले खरीदे। इस दौरान कुम्हार समाज के प्रतिनिधि छोटेलाल प्रजापति ने बताया कि अब देहरादून में पीली मिट्टी की उपलब्धता बेहद सीमित हो गई है। राजधानी बनने के बाद जमीनें महंगी हो जाने और आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण बढ़ने से कुम्हारों को अपने पुश्तैनी काम के लिए मिट्टी नहीं मिल पा रही है, जिससे सैकड़ों परिवारों की रोज़ी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है।


छोटेलाल ने धस्माना से आग्रह किया कि सरकार उन्हें पड़ोसी राज्य सहारनपुर से मिट्टी लाने की अनुमति दे, जिससे उनका पारंपरिक व्यवसाय और कुम्हार कला दोनों बच सकें।
इस पर धस्माना ने तत्काल आश्वासन देते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग करेंगे और स्वयं उनसे मुलाकात कर विषय उठाएंगे। उन्होंने कहा कि दीपावली जैसे अवसरों पर स्थानीय उत्पादों की खरीद को बढ़ावा देना ही “वोकल फॉर लोकल” का सही अर्थ है।
धस्माना ने राज्यवासियों से अपील की कि इस दीपावली पर स्थानीय कारीगरों, छोटे व्यापारियों और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा—
एक दिया स्थानीय कुम्हार से खरीदना न सिर्फ उनके घर में रोशनी लाता है, बल्कि हमारी परंपरा और संस्कृति को भी जीवित रखता है।


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