सुबह-सुबह खेत में उतरे DM सविन बंसल, किसानों के दुख-दर्द को समझा

कहा—“धरती से जुड़ना ही असली प्रशासन है”, खेत में पसीना बहाकर किया फसल उपज का निरीक्षण

देहरादून। शुक्रवार की सुबह जब जिले के अधिकारी अपनी फाइलों और बैठकों में जुटने की तैयारी कर रहे थे, तभी एक अधिकारी खेतों की मेड़ों पर उतर चुके थे। देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल आज सुबह ग्राम आर्केडियाग्रांट के एक धान के खेत में पहुंचे तो वहां का नजारा कुछ अलग ही था—डीएम खुद किसानों के साथ दरांती थामे फसल काटते नजर आए।

कृषकों के बीच खड़े होकर डीएम बंसल ने धान की कटाई प्रयोग (हार्वेस्टिंग एक्सपेरिमेंट) में हिस्सा लिया। उन्होंने न सिर्फ फसल की कटाई की, बल्कि स्वयं उपज का आंकलन भी किया।
43.30 वर्ग मीटर के खेत में करीब 17 किलो 500 ग्राम धान की उपज प्राप्त हुई। इस प्रयोग की निगरानी राजस्व उप निरीक्षक द्वारा जीसीईएस एवं सीसीई एग्री ऐप के माध्यम से की गई। खेत से सीधे भारत सरकार के पोर्टल पर उत्पादन के डाटा अपलोड किए गए, जो आगे चलकर औसत उपज निर्धारण व प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के आंकड़ों में शामिल किए जाएंगे।

डीएम बंसल ने कहा कि ऐसे प्रयोग न केवल किसानों की मेहनत को समझने में मदद करते हैं, बल्कि प्रशासन और किसान के बीच विश्वास का सेतु भी मजबूत करते हैं। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा—

“धरती की नमी और किसान का पसीना—इन्हीं से देश की खुशहाली अंकुरित होती है। जब अधिकारी खेत में उतरता है, तो नीतियों की जमीनी सच्चाई सामने आती है।”

स्थानीय कृषकों ने डीएम की इस पहल की सराहना की। एक किसान ने कहा,

“हमारे बीच अधिकारी नहीं, आज किसान सविन बंसल आए थे। उन्होंने हमारी भाषा में, हमारी तरह खेत में काम किया।”

डीएम ने कृषकों से खेती में नई तकनीकों, बीमा योजनाओं और सरकारी सहायता के लाभों पर भी चर्चा की तथा कहा कि जिला प्रशासन हर किसान के साथ खड़ा है।

खेत में धान की बालियों के बीच मिट्टी से सने जूते पहने डीएम सविन बंसल का यह रूप देखकर हर कोई यही कह उठा

“फाइलों के अफसर नहीं, किसानों के अपने डीएम हैं सविन बंसल।”

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