देहरादून: पश्चिम पटेलनगर की संजय कालोनी स्थित भाई लखी शाह गुरुद्वारे में सोमवार को श्री गुरु ग्रंथ साहिब के प्रकाश पर्व (गद्दी दिवस) का भव्य आयोजन किया गया। गुरुद्वारा शीशा गंज दिल्ली के हेड ग्रंथि भाई हरनाम सिंह जी ने समारोह को संबोधित करते हुए गुरु ग्रंथ साहिब के महत्व व उसके निर्देशों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने सिख पंथ को यह आज्ञा दी कि अब कोई शरीरधारी गुरु नहीं होगा और सभी सिख श्री गुरु ग्रंथ साहिब को ही जीवित गुरु मानकर उसके बताए मार्ग का पालन करेंगे।
कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (संगठन) सूर्यकांत धस्माना को गुरुद्वारा प्रबंधक समिति ने सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया और उन्हें स्मृति चिन्ह प्रदान किया। श्री धस्माना ने कहा कि सिख पंथ ने धर्म और कौम के लिए जो बलिदान दिए हैं वे अद्वितीय हैं और कि गुरु ग्रंथ साहिब में दुनिया के प्रत्येक प्रश्न का उत्तर निहित है। उन्होंने समाज में आस्था और आचरण के बीच अंतर की ओर भी ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि मात्र भक्ति-आडंबर से कुछ नहीं होता, हमें गुरु के बताए रास्ते पर चलकर जीवन को बेहतर बनाना चाहिए।
समारोह में प्रसिद्ध रागी भाई राय सिंह ने भावपूर्ण शब्द कीर्तन प्रस्तुत कर संगतों को निहाल किया। प्रबंधक समिति ने अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष सरदार नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा को भी सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के अध्यक्ष सरदार रविन्द्र सिंह, उप प्रधान सरदार रवि, सरदार देवेंद्र सिंह, सरदार जरनैल सिंह, सरदार ओम प्रकाश राठौर, सरदार सोहन सिंह व क्षेत्र की अन्य संगतें उपस्थित रहीं।

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