देहरादून । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड दौरे के दौरान आज राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वे प्रधानमंत्री को पुरानी पेंशन बहाली का ज्ञापन सौंपने जा रहे थे। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसमें दो नेताओं के कपड़े तक फट गए।
घटनाक्रम:
· संगठन के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष मनोज अवस्थी के नेतृत्व में एक समूह कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ रहा था।
· पुलिस-प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच जोरदार बहस हुई।
· इस हड़बड़ाहट में संगठन के प्रदेश आइ.टी. सेल प्रभारी अवधेश सेमवाल और सीता राम पोखरियाल के कपड़े फट गए।
मनोज अवस्थी ने आरोप लगाया, “हमारे कर्मचारी गांधीवादी तरीके से पीएम को ज्ञापन देने जा रहे थे, लेकिन प्रशासन ने गलत तरीके से रोका। कर्मचारियों के बुढ़ापे की लाठी पुरानी पेंशन है और हम इसके लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं।”

प्रदेश महामंत्रीसीता राम पोखरियाल ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन की याद दिलाते हुए कहा, “94 दिन की हड़ताल से राज्य बनाने वाले कर्मचारियों को आज अपनी ही मांगों के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है।”
अवधेश सेमवाल ने चुनावी इशारा करते हुए कहा, “पुरानी पेंशन अब जन-जन की आवाज बन चुकी है। 2027 का विधानसभा चुनाव इसी मुद्दे पर निर्णायक भूमिका निभाएगा।”
जिलाध्यक्ष माखन लाल शाह नेसरकार पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाते हुए कहा, “जब एक दिन का विधायक-सांसद पेंशन पाता है, तो 30-35 साल सेवा देने वाले कर्मचारी को क्यों नहीं?”


प्रदेश समन्वयक लक्ष्मण सिंह सजवान नेआगाह किया, “सरकार द्वारा कर्मचारियों की जायज मांग को अनदेखा करना आगामी चुनावों में उसके लिए घातक साबित हो सकता है।”
अंततःपुलिस ने सभी पदाधिकारियों को हिरासत में लेकर जिलाधिकारी कार्यालय में जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के हवाले कर दिया। इसके बाद, कार्यकर्ताओं ने शहीद स्मारक जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

Recent Comments