देहरादून। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने सोमवार को परेड ग्राउंड में धरने पर बैठे उपनल कर्मचारियों को समर्थन देते हुए राज्य सरकार को सख्त चेतावनी जारी की। उन्होंने मांग की कि सरकार तत्काल कर्मचारियों के नियमितीकरण की चरणबद्ध योजना घोषित करे और इसी महीने से ‘समान कार्य के लिए समान वेतन’ लागू करे।
श्री धस्माना ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए सरकार पर अदालती आदेशों की अवहेलना का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “सात साल पहले माननीय उच्च न्यायालय ने समान काम के लिए समान वेतन और चरणबद्ध नियमितीकरण के आदेश दिए। 2018 में सरकार सर्वोच्च न्यायालय चली गई। एक साल से ज्यादा समय बीत गया, उच्चतम न्यायालय ने भी वही कहा जो हाई कोर्ट ने कहा था। फिर भी सरकार अपनी हठधर्मिता दिखा रही है। इसलिए अबकी बार लड़ाई निर्णायक होनी चाहिए और इस लड़ाई में आश्वासन नहीं, निर्णय होना चाहिए।”
कांग्रेस नेता ने सरकार के लिए तत्काल कार्रवाई के दो स्पष्ट बिंदु रखे:
- माननीय न्यायालयों के आदेशों का पालन करते हुए ‘समान कार्य के लिए समान वेतन’ का शासनादेश जारी किया जाए।
- कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए वरिष्ठता के आधार पर एक चरणबद्ध योजना की तत्काल घोषणा की जाए।
श्री धस्माना ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा, “मुख्यमंत्री ने अनेकों बार सार्वजनिक रूप से आश्वासन दिया, किंतु आज तक कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं हुई। अब पानी सर से ऊपर गुजर रहा है।”

उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं, तो कर्मचारियों को “आर-पार की लड़ाई” का ऐलान कर देना चाहिए और आने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा को राज्य से विदा करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस लड़ाई में कांग्रेस पार्टी उपनल संगठन के साथ “कंधे से कंधा मिलाकर” खड़ी रहेगी।
साथ ही, उन्होंने वादा किया कि यदि प्रदेश सरकार मांगें नहीं मानती, तो भविष्य में कांग्रेस की सरकार बनने पर कोर्ट के आदेशों का पालन अवश्य किया जाएगा।
इस अवसर पर कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुजाता पॉल, प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग अध्यक्ष मदन लाल और कांग्रेस नेता रघुबीर सिंह बिष्ट ने भी उपनल कर्मचारियों को अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया।

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