देहरादून। देहरादून के वकील सरकार से अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए हैं। पुरानी जिला अदालत परिसर में चेंबर निर्माण की अपनी लंबे समय से लंबित मांग को लेकर वकीलों ने एक अनोखे तरीके से आंदोलन शुरू किया है। उनका तरीका ‘हटके’ यह है कि वे रोजाना सांकेतिक तौर पर सड़क जाम कर रहे हैं और धीरे-धीरे इस प्रदर्शन की अवधि बढ़ाते जा रहे हैं।
सोमवार से शुरू हुए इस आंदोलन में मंगलवार को वकीलों ने हरिद्वार रोड स्थित कोर्ट परिषद के पास सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक चक्का जाम किया, जो एक घंटा अधिक था। वकीलों ने चेतावनी दी है कि जब तक उन्हें ठोस आश्वासन नहीं मिलता, वे प्रतिदिन प्रदर्शन का समय बढ़ाते रहेंगे।
देहरादून बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल ने बताया कि आंदोलन का मुख्य कारण पुरानी जिला अदालत की खाली पड़ी जमीन पर वकीलों के चेंबर बनवाने के लिए एक नीतिगत समाधान में सरकार का सहयोग न मिलना है। इसके अलावा, उसी परिसर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा रैन बसेरा बनाए जाने के प्रस्ताव का भी वकील जोरदार विरोध कर रहे हैं।

दो घंटे के चक्का जाम के दौरान मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप्प रही। प्रशासन को रोड के दोनों ओर से वाहनों को डायवर्ट करना पड़ा, जिससे वाहन चालकों और कोर्ट आने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
धरना-प्रदर्शन के दौरान उत्तराखंड बार काउंसिल के चेयरमैन राकेश गुप्ता, काउंसिल सदस्य एम.एम. लांबा, चंद्रशेखर तिवारी, रंजन सोलंकी, अनिल पंडित, सुरेंद्र पुंडीर, प्रेमचंद शर्मा, आर.एस. राघव समेत वरिष्ठ सदस्य और पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट भी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि जब तक प्रशासन इस विवादास्पद निर्माण कार्य को रोक नहीं देता, तब तक वकीलों का धरना और आंदोलन जारी रहेगा।
इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह मौके पर पहुंचे। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उन्हें अपनी मांगों से अवगत कराते हुए एक ज्ञापन भी सौंपा। हालांकि, प्रशासन के हस्तक्षेप के बावजूद वकीलों ने अपना रुख नरम नहीं किया और आंदोलन जारी रखने की बात कही।

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