देहरादून/मसूरी। मसूरी स्थित ऐतिहासिक सेंट जॉर्ज कॉलेज में ‘‘योगधरा’’ कार्यक्रम का आयोजन उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने, पैट्रिशियन ब्रदर्स की भारत में 150 वर्षों की सेवा-परंपरा तथा बाल दिवस के उपलक्ष्य में किया गया।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने कार्यक्रम में प्रतिभाग कर उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर बच्चों ने उत्तराखण्ड की समृद्ध संस्कृति पर आधारित मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सफलता हमेशा साहसी और परिश्रम करने वालों को मिलती है। उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वे बड़े सपने देखें, आत्मविश्वास को अपना आधार बनाएं और ‘‘राष्ट्र प्रथम’’ की भावना के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि बच्चे ही भारत का भविष्य हैं और अमृत काल में देश को विकसित भारत बनाने में युवाओं की निर्णायक भूमिका है।

राज्यपाल ने वर्तमान समय को एआई और टेक्नोलॉजी का युग बताते हुए विद्यार्थियों को इन क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि चुनौतियों से डरने के बजाय उनसे सीखना चाहिए क्योंकि सीखने की प्रक्रिया ही व्यक्ति को श्रेष्ठ बनाती है। साथ ही उन्होंने बच्चों को जीवन में विनम्रता, अनुशासन और सभी के प्रति आदर-सम्मान बनाए रखने की भावना विकसित करने की सलाह दी।
शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र के अदृश्य शिल्पकार होते हैं, जिनके ज्ञान, मार्गदर्शन और त्याग से भावी पीढ़ी का निर्माण होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है। राज्यपाल ने सेंट जॉर्ज कॉलेज की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उत्कृष्ट अनुशासन और उच्च नैतिक मूल्यों के माध्यम से देश-विदेश में बनाई गई विशिष्ट पहचान की सराहना की।
कार्यक्रम में नगर पालिका मसूरी की अध्यक्ष मीरा सकलानी, कॉलेज के प्रिंसिपल ब्रदर जयासीलन सहित शिक्षकगण, विद्यार्थी और अभिभावक उपस्थित रहे।

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