धस्माना बोले – अदालतें बन गईं, पर वकीलों के लिए जगह नहीं; सरकार तत्काल करे चैंबरों की व्यवस्था
देहरादून। राजधानी देहरादून में जिला न्यायालय परिसर में चैंबर निर्माण की मांग को लेकर नौ दिनों से आंदोलन कर रहे अधिवक्ताओं के धरने को आज प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना का समर्थन मिला। धस्माना लगभग दो घंटे तक वकीलों के साथ धरने पर बैठे और सरकार से अधिवक्ताओं की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की।
वकीलों को संबोधित करते हुए धस्माना ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य की राजधानी, जहां पूरा प्रशासनिक तंत्र मौजूद है, वहां के अधिवक्ता अपने चैंबरों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अदालतें तो बन गईं, लेकिन अदालत में पैरवी करने वाले वकीलों के बैठने की भी जगह तय नहीं की गई। बिना वकील अदालत की कल्पना अधूरी है।
धस्माना ने कहा कि जब जिला न्यायालय का नया परिसर बनना शुरू हुआ था, तभी वकीलों के चैंबरों की व्यवस्था होनी चाहिए थी। अब स्थिति यह है कि पुराने परिसर की अदालतें नए परिसर में स्थानांतरित हो गईं और अधिवक्ताओं को सड़क पर धरना देना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पांच बीघा जमीन पर पैंसठ बीघा क्षेत्र से आए वकीलों के चैंबर बनाना संभव नहीं है।

उन्होंने सुझाव दिया कि पुराने न्यायालय परिसर का एक भाग वकीलों के चैंबरों के लिए आरक्षित किया जाए और पुराने तथा नए परिसर को अंडरपास से जोड़ा जाए, ताकि अधिवक्ताओं को सुविधा मिल सके।
धस्माना ने कहा कि अधिवक्ताओं की मांगें पूरी तरह जायज हैं और सरकार को राजकीय कोष से चैंबरों का निर्माण कर उन्हें आवंटित करना चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि अधिवक्ता अपनी मांगों को लेकर जो भी आंदोलनात्मक निर्णय लेंगे, कांग्रेस पार्टी उसका पूर्ण समर्थन करेगी।
इस दौरान प्रदेश कांग्रेस श्रम प्रकोष्ठ अध्यक्ष दिनेश कौशल, एडवोकेट संदीप चमोली, एडवोकेट विपुल नौटियाल, एडवोकेट राजेश गुरुंग और एडवोकेट के.के. गोयल उनके साथ रहे। बार काउंसिल की पूर्व अध्यक्ष रज़िया बेग, पूर्व उपाध्यक्ष एम.एम. लाम्बा, बार एसोसिएशन अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल, सचिव राजबीर सिंह बिष्ट, पूर्व अध्यक्ष राजीव शर्मा बंटू और संघर्ष समिति अध्यक्ष प्रेम चंद शर्मा ने आंदोलन को समर्थन देने पहुंचने पर धस्माना का आभार जताया।

Recent Comments