देहरादून: उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने परेड ग्राउंड पर उपनल कर्मचारियों के धरने पर पहुंचकर राज्य की भाजपा सरकार पर कर्मचारियों को डराने-धमकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार एस्मा (Uttarakhand Essential Services Maintenance Act – UESMA) का भय दिखाकर कर्मचारियों को डराने के बजाय उनसे बातचीत करे।
धस्माना ने शुक्रवार को आंदोलनरत कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा, “सरकार ने अगर राज्य में उपनल कर्मचारियों सहित किसी भी आंदोलनरत कर्मचारी के खिलाफ एस्मा का प्रयोग किया तो कांग्रेस पार्टी पूरी ताकत से विरोध करेगी।”

उन्होंने कहा कि उपनल कर्मचारियों की मांग न्यायसंगत है और उत्तराखंड हाई कोर्ट ने वर्ष 2018 में समान कार्य के लिए समान वेतन और कर्मचारियों के चरणबद्ध समायोजन का आदेश दिया था। धस्माना के अनुसार, राज्य सरकार इस आदेश के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय गई, जहां अक्टूबर 2024 में उसकी याचिका खारिज हो गई और सरकार को हाईकोर्ट के आदेश का पालन करने का निर्देश दिया गया।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, “इसके बावजूद सरकार जिद पर अड़ी हुई है, जिस कारण प्रदेश भर के उपनल कर्मचारियों को आंदोलन करना पड़ रहा है। इससे राज्य में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हैं और इसके लिए राज्य की भाजपा सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है।”

धस्माना ने वकीलों के चल रहे आंदोलन का भी जिक्र करते हुए कहा कि सरकार किसी भी मुद्दे पर सुध लेने को तैयार नहीं है। उन्होंने धामी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, “कांग्रेस पार्टी किसी भी हालत में कर्मचारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेगी।”
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस श्रम प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दिनेश कौशल, पूर्व पार्षद ललित भद्री और आनंद सिंह पुंडीर सहित कई लोग मौजूद रहे।

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