उत्तराखंड एसटीएफ की बड़ी कामयाबी: म्यांमार से 9 युवक बचाए गए, साइबर फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश

​देहरादून : उत्तराखंड पुलिस की साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन (कुमायूं परिक्षेत्र) ने एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन में, म्यांमार (बर्मा) के म्यावाड़ी शहर स्थित कुख्यात ‘K.K पार्क’ में रोजगार के नाम पर बंधक बनाए गए उत्तराखंड के नौ युवाओं को सुरक्षित वापस लाकर उनके परिवारों को सौंप दिया है। यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ/साइबर नीलेश आनंद भरणे और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नवनीत सिंह के दिशा-निर्देशन में की गई। इन युवकों को संगठित भारतीय एजेंटों के एक बड़े गिरोह द्वारा मोटी रकम लेकर धोखे से थाईलैंड के रास्ते म्यांमार भेजा गया था। जांच में पता चला है कि इन युवाओं को चीनी कंपनियों के कॉल सेंटरों में अवैध हिरासत में रखकर जबरन साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा था।

​प्रारंभिक जांच और पूछताछ के आधार पर, साइबर क्राइम पुलिस ने पाया कि उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों के इन युवकों को व्यक्तिगत, मोबाइल एप्लिकेशन, टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे माध्यमों से संपर्क कर एजेंटों ने कंप्यूटर वर्क की झूठी नौकरी और बड़े मुनाफे का लालच दिया। लाखों रुपये की ठगी करने के बाद, इन्हें हवाई टिकट और थाईलैंड (बैंकॉक) का वीजा दिया गया। बैंकॉक पहुँचने के बाद, एजेंटों के सहयोगियों ने इन युवाओं को अलग-अलग वाहनों और पैदल मार्गों से, जोखिम भरे नदी-नाले और पहाड़ पार कराकर अवैध रूप से म्यांमार की सीमा में प्रवेश कराया। म्यावाड़ी स्थित के.के. पार्क में उन्हें चीनी कंपनियों के गिरोहों के पास पहुँचाया गया, जहाँ वे वियतनाम, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे अन्य देशों के नागरिकों के साथ बंधक बने हुए थे। यहाँ इन युवकों से जबरन साइबर अपराध के लिए मोबाइल नंबरों की ट्रेसिंग और विभिन्न एप्लिकेशन तथा वेबसाइटों का उपयोग करके ऑनलाइन धोखाधड़ी करवाई जा रही थी।

​इस संगठित आपराधिक षडयंत्र और मानव तस्करी के मामले में, साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कुमायूं परिक्षेत्र में आज, 22 नवंबर 2025 को मु0FIR NO 28/2025 (धारा 318(4) BNS, 66(डी) आईटी एक्ट आदि के तहत) दर्ज की गई है। पुलिस ने ऊधम सिंह नगर निवासी सुनील कुमार, उसके भाई अशोक, पिंकी, नीरव चौधरी, प्रदीप और मुंबई निवासी धनंजय सहित अन्य अज्ञात एजेंटों को नामजद किया है। दो नामजद अभियुक्तों—सुनील कुमार और नीरव चौधरी—को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है, जिनके विरुद्ध पूर्व में भी मानव तस्करी से संबंधित अभियोग दर्ज हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नवनीत सिंह ने युवाओं से अपील की है कि वे किसी भी एजेंट के बहकावे में न आएं और विदेश में रोजगार से संबंधित पूर्ण और विश्वसनीय जानकारी ही एकत्र करें, तथा ऐसे मानव तस्करी करने वाले एजेंटों की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस या एसटीएफ को दें।

विदेश में मानव तस्करी और साइबर अपराध के बढ़ते जाल से सतर्क रहना जरूरी है, क्योंकि संगठित गिरोह लगातार नए तरीके खोज रहे हैं। इसी तरह की घटनाओं की रोकथाम व पीड़ितों की सुरक्षा के लिए STF की टीम वाह्य एजेंसियों के साथ संपर्क में है और विस्तृत जांच जारी है।

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