जिलाधिकारी ने एनआईसी कक्ष में की गंगा समिति की समीक्षा

स्वच्छता पर फोकस, निकायों को ठोस अपशिष्ट निस्तारण की कार्ययोजना बनाने के निर्देश

पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में मंगलवार को एनआईसी कक्ष में नमामि गंगे समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने सभी विभागों को स्वच्छ गंगा मिशन में समयबद्ध रूप से कार्य करने के निर्देश दिए।

मंगलवार को आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि पौड़ी में श्रीनगर मार्ग पर लीगेसी वेस्ट के सम्बन्ध में सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गयी है। उन्होंने नगर पालिका पौड़ी को तत्काल टेंडर की कार्रवाई करने के निर्देश दिए, जिससे शहर को गंदगी से निजात मिल सके। उन्होंने नगर पालिका पौड़ी को ठोस अपशिष्ट निस्तारण के लिए उपयुक्त भूमि तलाशने के भी निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने थलीसैंण में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र की सैद्धांतिक स्वीकृत मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने जिला उद्योग विभाग को सिडकुल क्षेत्र का निरीक्षण कर यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी औद्योगिक इकाई नदियों में अवैध रूप से अपशिष्ट न डाले।

जिलाधिकारी ने बताया कि कोटद्वार में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम शुरू हो गया है। इस संबंध में उन्होंने नगर आयुक्त कोटद्वार को प्रोजेक्ट मैनेजर गंगा के साथ निरीक्षण कर कार्य की प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर निगम श्रीनगर को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लान की कार्यवाही आगे बढ़ाने के भी निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने जिला विकास अधिकारी को ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़ा संग्रहण प्वाइंट बनाकर कूड़ा संग्रहण के निर्देश दिए। उन्होंने नगर क्षेत्रों के बाहर कूड़ा वाहनों की फ्रिक्वेंसी बढ़ाए जाने के भी निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कूड़ा वाहनों का मार्ग और कार्ययोजना निर्धारण करने के निर्देश दिए, जिससे सभी क्षेत्रों में स्रोत पर कूड़ा पृथक्करण और अपशिष्ट प्रबंधन को सुचारु रूप से लागू किया जा सके।

जिलाधिकारी ने बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन की स्थिति की जानकारी लेते हुए उपजिलाधिकारियों को सभी चिकित्सालयों का निरीक्षण कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों से उत्पन्न अपशिष्ट का सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीकों से निस्तारण सुनिश्चित किया जाय।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को अब तक की गयी कार्यवाही की अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़ी प्रक्रियाओं में विभागीय समन्वय बढ़ाने पर जोर देते हुए पीएम गंगा से जुड़े अधिकारियों को नगर निकायों को प्रशिक्षित करने को कहा। साथ ही जागरुकता, चालन, कूड़ा उठाने से संबंधित टेंडर प्रक्रिया तथा कॉम्पेक्टर व्यवस्था सहित सभी आवश्यक कार्यवाही समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वजल एवं पंचायतीराज विभाग को कूड़ा निस्तारण से संबंधित लिस्टिंग तैयार करने को कहा। साथ ही उन्होंने जिला पंचायत को नीलकंठ मंदिर के पास डंप कूड़े का निरीक्षण कर उसके निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, एसीएमओ डॉ. पारुल गोयल, एसडीओ वन आयशा बिष्ट, जिला पंचायतीराज अधिकारी जितेंद्र कुमार, पीएम स्वजल दीपक रावत, मुख्य कार्याधिकारी जिला पंचायत भावना रावत, नगर पालिका ईओ पौड़ी गायत्री बिष्ट सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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