लोकायुक्त गठन को लेकर राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने उठाया कड़ा कदम, 30 जनवरी से शुरू करेगी आमरण अनशन

देहरादून। उत्तराखंड में लंबित लोकायुक्त गठन के मुद्दे पर राज्य की क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी (आरआरपी) ने गुरुवार को सख्त रुख अपनाने की घोषणा करते हुए आमरण अनशन शुरू करने का ऐलान किया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि अन्ना हजारे के रालेगन सिद्धि में 30 जनवरी 2026 से शुरू होने वाले आमरण अनशन के समर्थन में, उनकी पार्टी भी उसी दिन से उत्तराखंड में सशक्त लोकायुक्त की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठेगी।

कोर्ट के आदेशों और सरकारी हठ पर नाराजगी
श्रीसेमवाल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उत्तराखंड लोकायुक्त अधिनियम 2014 के पारित होने के बावजूद, राज्य सरकार ने एक दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं की है। उन्होंने उत्तराखंड हाईकोर्ट के पिछले आदेशों का हवाला देते हुए सरकार की निष्क्रियता पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने मार्च 2023 में लोकायुक्त संस्थान की स्थिति और उसके गठन पर अब तक हुए खर्च का ब्योरा मांगा था। इसके बाद जून 2023 में कोर्ट ने राज्य सरकार को आठ सप्ताह के भीतर लोकायुक्त नियुक्त करने का स्पष्ट आदेश दिया था। फरवरी 2025 में भी हाईकोर्ट ने इस नियुक्ति में हो रही देरी पर गंभीर असंतोष जताया और सरकार की निष्क्रियता पर सवाल उठाए।

“कागजों पर कानून, धरातल पर शून्य”
शिवप्रसाद सेमवाल नेआगे कहा, “यह स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है। एक तरफ लोकायुक्त कार्यालय पर लगभग 2-3 करोड़ रुपये का भारी-भरकम सालाना खर्च आ रहा है, वहीं दूसरी ओर बिना लोकायुक्त के यह पूरा ढांचा व्यर्थ साबित हो रहा है। यह जनता के पैसे की बर्बादी है।” उन्होंने याद दिलाया कि अन्ना हजारे पहले उत्तराखंड आ चुके हैं और यहां भी लोकायुक्त की स्थापना का वादा किया गया था, लेकिन आज तक यह वादा पूरा नहीं हुआ।

जनहित याचिकाओं और आंदोलनों का सिलसिला
पार्टीअध्यक्ष ने बताया कि इस मुद्दे पर राज्य में कई बार आंदोलन हुए हैं और जनहित याचिकाएं (पीआईएल) दायर की गई हैं, जिनमें हल्द्वानी निवासी रवि शंकर जोशी द्वारा दायर याचिका प्रमुख है। उनका आरोप है कि राज्य सरकार की ओर से इस मुद्दे पर बार-बार खोखले वादे किए गए हैं, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है और जनता का विश्वास कमजोर हो रहा है।

अन्ना के आंदोलन के साथ एकजुटता
सेमवाल नेस्पष्ट किया कि उनकी पार्टी का यह आंदोलन सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के राष्ट्रीय आंदोलन का ही एक हिस्सा और समर्थन है, जो महाराष्ट्र में लोकायुक्त अधिनियम के पूर्ण क्रियान्वयन की मांग को लेकर अनशन पर बैठेंगे। उन्होंने कहा, “भ्रष्टाचार के खिलाफ यह जंग पूरे देश में एक साथ लड़ी जानी चाहिए।”

सभी से समर्थन की अपील
राष्ट्रवादीरीजनल पार्टी ने उत्तराखंड के सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों और आम नागरिकों से इस जनहित के मुद्दे पर एकजुट होकर सरकार पर दबाव बनाने और आंदोलन का समर्थन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में इस अनशन में शामिल होंगे ताकि राज्य में एक पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त शासन सुनिश्चित हो सके।

इस प्रेस वार्ता में पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल, पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ अध्यक्ष भगवती प्रसाद नौटियाल, केंद्रीय कार्यालय प्रभारी योगेश ईष्टवाल, प्रदेश प्रचार सचिव विनोद कोठियाल सहित दयाराम मनोरी, सुरेश शर्मा, जगदंबा बिष्ट, सुशीला पटवाल, शांति ठाकुर, रजनी कुकरेती आदि पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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