दून में सम्पन्न हुआ उत्तराखंड केंद्रीय पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन का द्विवार्षिक अधिवेशन

हल्द्वानी और गढ़वाल में भी खुलेंगे नए वेलनेस सेंटर, मुख्य अतिथि ने किए अहम ऐलान

देहरादून। उत्तराखंड केंद्रीय पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन का द्विवार्षिक अधिवेशन रविवार को स्काई गार्डन, नथनपुर रिंग रोड, जोगीवाला में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता रविंद्र दत्त सेमवाल ने की, जबकि महासचिव एस. एस. चौहान और डॉ. एस. चंद्रा स्वामी ने संयुक्त रूप से संचालन किया। अधिवेशन में देहरादून सहित हरिद्वार, रुड़की, ऋषिकेश, विकासनगर और अन्य जनपदों से एसोसिएशन के सदस्यों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सीजीएचएस दून के अपर निदेशक एवं जोनल इंचार्ज डॉ. अश्वनी कुमार सेन्यारे ने कहा कि प्रदेश में लाभार्थियों की बड़ी संख्या को देखते हुए अधिक से अधिक वेलनेस सेंटर खोले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन के प्रयासों से सर्वे डिस्पेंसरी, हाथीबड़कला का सीजीएचएस में विलय का मार्ग प्रशस्त हो चुका है और इसकी प्रक्रिया बीते डेढ़ माह से जारी है। सर्वे स्टाफ के सीजीएचएस कार्ड तेजी से बनाए जा रहे हैं। इस कार्य में सर्वेयर जनरल हितेश कुमार एस. मकवाना का पूरा सहयोग मिल रहा है।

डॉ. सेन्यारे ने कहा कि वित्त मंत्रालय की अगस्त माह में मिली स्वीकृति के क्रम में हल्द्वानी में शीघ्र ही वेलनेस सेंटर खोला जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि श्रीनगर या कोटद्वार में भी केंद्र खोले जाने पर जल्द कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने उपस्थित बुजुर्ग पेंशनरों को स्वास्थ्य संबंधी उपयोगी टिप्स देते हुए सर्दी से बचाव की सलाह दी और एसोसिएशन की सक्रियता व योगदान की सराहना की।

विशिष्ट अतिथि पूर्व वरिष्ठ उप-मुख्य लेखाकार एन. एन. बलूनी ने संगठन के प्रयासों और महासचिव की कड़ी मेहनत की प्रशंसा की। उन्होंने गढ़वाल क्षेत्र में भी वेलनेस सेंटर खोलने का अनुरोध सीजीएचएस जोनल इंचार्ज से किया।

महासचिव एस. एस. चौहान ने अपने दो वर्षीय कार्यकाल का विवरण प्रस्तुत करते हुए संगठन की उपलब्धियों को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन की सतत कोशिशों से हाथीबड़कला डिस्पेंसरी का सीजीएचएस में विलय शुरू हुआ, हल्द्वानी में नया वेलनेस सेंटर स्वीकृत हुआ, दून सीजीएचएस में आयुर्वेदिक यूनिट खोली गई और तीन वर्ष से लंबित अधिकृत केमिस्ट की टेंडर प्रक्रिया का समाधान हुआ। साथ ही संगठन को कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय से मान्यता मिली और संगठन का विस्तार जिला से राज्य स्तर तक हुआ, जिससे अब इसका नाम उत्तराखंड केंद्रीय पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन रखा गया।

चौहान ने बताया कि 90 प्रतिशत बुजुर्ग पेंशनरों सहित राज्य के लगभग 70 हजार सीजीएचएस लाभार्थियों के हितों से जुड़े संघर्षों में संगठन ने साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर सफलता प्राप्त की है। उन्होंने सभी सदस्यों एवं पूरी टीम के सहयोग के लिए आभार जताया।

कोषाध्यक्ष ए. के. उनियाल ने दो वर्ष का आय-व्यय विवरण प्रस्तुत कर सदन से पारित कराया। अधिवेशन के दौरान संयोजक बी. एस. नेगी, अध्यक्ष रविंद्र दत्त सेमवाल और महासचिव एस. एस. चौहान ने मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि का पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंटकर स्वागत किया।

कार्यक्रम में आई. एस. पुंडीर, अशोक शंकर, पी. के. सिंह, तिलक राज शर्मा, के. पी. मैथानी, राजेंद्र प्रसाद और सुशील जोशी सहित बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे। अधिवेशन का समापन शानदार सहभोज के साथ हुआ।

चुनाव अधिकारी अशोक शंकर ने घोषणा की कि अगला चुनाव 4 जनवरी को बैलेट प्रणाली से संपन्न किया जाएगा।

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