पुरोला की दिव्या ज्योति ने वैश्विक मंच पर बढ़ाया उत्तराखंड का मान

उत्तरकाशी/देहरादून।उत्तराखंड के सुदूर पर्वतीय अंचलों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी पहचान बनाने वाली बेटियां आज प्रदेश की नई ताकत बनकर उभर रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरक उपलब्धि पुरोला विधानसभा क्षेत्र के पोरा गांव की बेटी दिव्या ज्योति बिजल्वाण ने हासिल की है। ब्राजील में आयोजित संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन से जुड़े वैश्विक युवा मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर उन्होंने न केवल उत्तराखंड, बल्कि पूरे देश का मान बढ़ाया है।

उत्तरकाशी जिले की रंवाई घाटी स्थित पोरा गांव में जन्मी दिव्या ज्योति ने सीमित संसाधनों के बीच अपनी शिक्षा और सोच को दिशा दी। साधारण परिवार में पली-बढ़ी दिव्या में बचपन से ही प्रकृति और पर्यावरण के प्रति गहरी संवेदनशीलता रही। स्थानीय विद्यालय से प्रारंभिक शिक्षा के बाद उन्होंने पर्यावरण विज्ञान और जलवायु परिवर्तन से जुड़े विषयों में विशेष रुचि विकसित की। विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और पर्यावरणीय कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय सहभागिता ने उन्हें अलग पहचान दिलाई।

दिव्या ज्योति का चयन संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज (UNFCCC) के अंतर्गत आयोजित 20वीं यूथ क्लाइमेट चेंज कॉन्फ्रेंस ऑफ यूथ (COY20) के लिए हुआ। यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 6 से 8 नवंबर तक ब्राजील के बेलेम शहर स्थित फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ पारा में आयोजित किया गया, जिसमें दुनिया भर से आए युवा प्रतिनिधियों ने जलवायु परिवर्तन, सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण जैसे अहम वैश्विक मुद्दों पर मंथन किया। इस मंच पर दिव्या ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्रों पर जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों को प्रभावशाली ढंग से रखा और वैश्विक समुदाय का ध्यान पर्वतीय राज्यों की चुनौतियों की ओर आकर्षित किया।

सैकड़ों आवेदनों के बीच हुआ उनका चयन उनकी कड़ी मेहनत, लगन और प्रतिबद्धता का परिणाम है। यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि ग्रामीण और पहाड़ी पृष्ठभूमि से आने वाले युवा भी वैश्विक विमर्श में सार्थक भूमिका निभा सकते हैं।

दिव्या की इस उपलब्धि पर प्रदेश भर में हर्ष और गर्व का माहौल है। पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल ने देहरादून प्रेस क्लब में दिव्या को सम्मानित करते हुए इसे विधानसभा क्षेत्र और राज्य के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ’ अभियान की सशक्त मिसाल है, जहां बेटियां सीमाओं को तोड़कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर रही हैं। विधायक ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को आगे बढ़ने के लिए निरंतर प्रोत्साहित कर रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी दिव्या ज्योति को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखंड की बेटियां प्रदेश की शान हैं और उनकी सफलताएं राज्य को नई पहचान दिला रही हैं। उधर, पोरा गांव और रंवाई घाटी में दिव्या की सफलता को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। ग्रामीणों और परिजनों का कहना है कि उनकी उपलब्धि क्षेत्र की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा बनेगी।

दिव्या ज्योति बिजल्वाण की यह यात्रा इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड की पहाड़ियों से निकली प्रतिभाएं वैश्विक चुनौतियों पर अपनी प्रभावी आवाज दर्ज करा सकती हैं। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया है।

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