उत्तराखंड बाल आयोग द्वारा भव्य ‘वीर बाल दिवस’ समारोह का आयोजन

​शहादत को नमन: IRDT ऑडिटोरियम में उमड़ा उत्साह, बच्चों ने ली वीरता की सीख

देहरादून । उत्तराखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा वीर बाल दिवस 2025 के अवसर पर बुधवार को आईआरडीटी ऑडिटोरियम, सर्वे चौक, देहरादून में एक भव्य, गरिमामय एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य साहिबजादा जोरावर सिंह जी और साहिबजादा फतेह सिंह जी के अदम्य साहस, बलिदान और अटूट आस्था को नमन करते हुए बच्चों में साहस, नैतिक मूल्यों, आत्मसम्मान तथा अधिकारों के प्रति जागरूकता का प्रसार करना था।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं, शिक्षक, समाजसेवी, प्रशासनिक अधिकारी और आमजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ पंजीकरण सत्र से हुआ, जिसमें प्रतिभागियों को कार्यक्रम की रूपरेखा से अवगत कराया गया तथा बच्चों को विशेष शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई।

दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना, सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल, अनुसचिव डॉ. सतीश कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी देहरादून अभिनव शाह, गुरुद्वारा हेमकुंट साहिब ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। उद्घाटन के पश्चात सरकारी विद्यालय के बच्चों द्वारा प्रस्तुत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम ने सभागार को देशभक्ति की भावना से भर दिया।

मुख्य संबोधन में आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने वीर बाल दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि साहिबजादों की शहादत वर्तमान समाज के लिए त्याग, साहस और धर्मनिष्ठा का प्रेरक प्रतीक है। उन्होंने बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा और शिक्षा के क्षेत्र में आयोग की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कहा कि बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए समाज और प्रशासन दोनों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही बाल कल्याण योजनाओं की जानकारी दी।

गुरमत संगीत बाल विद्यालय, हेमकुंट साहिब ट्रस्ट के बच्चों द्वारा प्रस्तुत गुरबाणी कीर्तन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा, जिसने वातावरण को आध्यात्मिक भाव से भर दिया। कार्यक्रम में मंत्री रेखा आर्य ने बच्चों को आशीर्वचन देते हुए कहा कि “वीर बाल दिवस केवल स्मरण नहीं, बल्कि संकल्प का दिन है — हर बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और अवसरों से भरा भविष्य मिले, यही हमारा लक्ष्य है।”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कार्यक्रम में पूर्व निर्धारित व्यस्तता के कारण उपस्थित नहीं हो पाए, किंतु अपने संदेश में उन्होंने कहा कि साहिबजादों का बलिदान पूरे राष्ट्र के लिए अमर प्रेरणा है। राज्य सरकार बच्चों को सशक्त और सुरक्षित वातावरण देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

कार्यक्रम के दौरान राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आठ बच्चों को सम्मानित किया गया। समापन सत्र में आयोग के सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल ने धन्यवाद ज्ञापन किया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ और उपस्थित जनों के लिए प्रसाद/भोजन की व्यवस्था की गई।

वीर बाल दिवस 2025 का यह आयोजन बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में राज्य आयोग के सतत प्रयासों का प्रतीक बन गया।

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