तीर्थनगरी हरिद्वार में स्वच्छता अभियान: एक माह दस दिन में दिखा असर, जिलाधिकारी ने अभियान की खुद ली मॉनिटरिंग

मुख्यमंत्री के निर्देश पर चल रहे सफाई अभियान में बीएचईएल, लोक निर्माण विभाग व खंड विकास अधिकारी सक्रिय — नगरीय से ग्रामीण मार्ग तक समन्वित सफाई से जनजीवन में सुधार

हरिद्वार। तीर्थनगरी हरिद्वार को स्वच्छ, सुंदर और क्लीन जनपद बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार चलाया जा रहा व्यापक सफाई अभियान लगातार एक माह दस दिन से धरातल पर सफलता के साथ जारी है। जिला प्रशासन के प्रयासों और स्थानीय निकायों, सार्वजनिक संस्थाओं व विभागों के समन्वय से नगर, कस्बों व ग्रामीण मार्गों की सफाई में स्पष्ट सुधार दिखाई दे रहा है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित स्वयं अभियान की निरंतर मॉनिटरिंग कर रहे हैं और लोगों को स्वच्छता में सहयोग हेतु प्रेरित कर रहे हैं।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा, “मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप जनपद को मॉडल व क्लीन बनाना हमारी प्राथमिकता है। अभियान के हर चरण को मैं स्वयं देख रहा हूं ताकि नागरिकों को स्वच्छ वातावरण मिले और पर्यटन व तीर्थाटन पर सकारात्मक प्रभाव पड़े।” उन्होंने कहा कि सफाई के साथ-साथ कूड़ा प्रबंधन, झाड़ी कटान और सड़क किनारे जमा गंदगी हटाने पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है।

नगर प्रशासक व संपदा अधिकारी, बीएचईएल संजय पंवार ने बताया कि बीएचईएल प्रशासन द्वारा कोतवाली रानीपुर से टिहरी विस्थापित रोड, शास्त्री मार्ग, बीएचईएल स्टेडियम के आसपास तथा बैरियर नंबर 1 और टीबड़ी कॉलोनी के निकट पीठ मार्केट में नियमित सफाई कार्य किए जा रहे हैं। पंवार ने कहा, “टाउनशिप प्रशासन द्वारा सार्वजनिक मार्गों व आस-पास के आवासीय क्षेत्रों में कूड़ा कलेक्शन और नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।” उन्होंने आवासीय समितियों व नागरिकों से भी सहयोग का अनुरोध किया।

लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता लो नी वि दीपक वर्मा ने बताया कि विभाग ने अलावलपुर-पीतपुर से डेराकरल मोटर मार्ग पर झाड़ी कटान के साथ सड़क किनारे की सफाई कराई है, जिससे यात्रियों व स्थानीय लोगों को सुविधा हुई है। वर्मा ने कहा कि प्रमुख मार्गों पर ऐसी नियमित कटाई व सफाई जारी रहेगी ताकि सड़क सुरक्षा व शोभा दोनों बनी रहें।

खंड विकास अधिकारी खानपुर के अनुसार खानपुर क्षेत्र के शाहपुर व हस्तौली में सफाई अभियान चलाया गया और सार्वजनिक स्थलों व गलियों से कचरा हटवाया गया। वहीं, खंड विकास अधिकारी रुड़की ने बताया कि रुड़की क्षेत्र में सड़क किनारे पड़े गोबर व अन्य कचरे को जेसीबी व ट्रैक्टर-ट्रॉली की मदद से हटाया गया तथा क्षेत्र में सFaफाई व निगरानी तंत्र मजबूत किया गया है। दोनों अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों के सहयोग की महत्ता पर ज़ोर दिया।

एक माह दस दिन के अभियान के परिणामस्वरूप कई स्थानों पर गंदगी और कूड़े के ढेर हटाए गए हैं, नालियों की सफाई हुई है और सड़कों की दृश्यता बेहतर हुई है। अभियान के चलते पर्यटक मार्गों और तीर्थस्थलों की साफ-सफाई में भी सुधार दिख रहा है, जिससे तीर्थयात्रियों और स्थानीय व्यापारियों को लाभ मिल रहा है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे कूड़ा न फैलाएं, कूड़े को निर्धारित स्थानों पर डालें और स्वच्छता में सहयोग दें।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए अगले चरण में कूड़ा प्रबंधन, नालियों की नियमित सफाई, सार्वजनिक शौचालयों की मरम्मत और जागरूकता कार्यक्रमों पर जोर दिया जाएगा। साथ ही, सफाई के लिए आवश्यक मशीनरी व संसाधनों की व्यवस्था भी बढ़ाई जा रही है ताकि ग्रामीण व दूरस्थ इलाकों तक सफाई सेवाएँ पहुंच सकें।

जिला प्रशासन ने साफ-सफाई के कार्यों के समन्वय हेतु विभिन्न विभागों व सार्वजनिक संस्थाओं को जोड़ा है तथा मासिक समीक्षा बैठकें आयोजित कर अभियान की प्रगति का मूल्यांकन किया जा रहा है। मॉनिटरिंग टीमों द्वारा नियमित सर्वे व निरीक्षण कर शिकायतों का त्वरित निवारण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार चल रही यह मुहिम न केवल शहर की सुंदरता बढ़ा रही है बल्कि जनजागरूकता के माध्यम से स्थायी स्वच्छता संस्कृति स्थापित करने की ओर भी कदम बढ़ा रही है। जिलाधिकारी, विभागीय अधिकारियों और नागरिकों के समन्वय से यह अभियान हरिद्वार को एक क्लीन व मॉडल जनपद बनाने में निर्णायक साबित होगा—यदि सार्वजनिक सहयोग निरंतर बना रहे।

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