वर्ष 2026 : 10 विशेष व्रत जो हैं खास –  बदलेगा भाग्य, क्षमा होंगे पाप

नया साल 2026 शुरू होने में कुछ ही दिन का समय बचा है। हर साल की तरह इस साल कई व्रत-त्योहार पढ़ने वाले हैं, जिनका भक्त बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। कहते हैं कि इनमें से कुछ व्रत को करने से भक्तों के जीवन के सभी पाप हमेशा के लिए माफ हो जाते हैं। साथ ही, भाग्य की दिशा में भी बड़ा सुधार देखने को मिलता है, तो चलिए जानते हैं कि आने वाले नए साल 2026 (New Year 2026) कौन से व्रत आपके लिए शुभ होने वाले है, जिसे निश्चित तौर पर हर किसी को रखना चाहिए…

2026 के 10 विशेष व्रतों की लिस्ट

शनिश्चरी अमावस्या व्रत 2026 
शनि अमावस्या 2026 (Shanischari Amavasya fast) का व्रत 16 मई, 2026 शनिवार को रखा जाएगा। ज्योतिषीय के अनुसार, शनि अमावस्या एक दुर्लभ संयोग है जो साल में केवल 2 बार ही आता है। यह व्रत उन भक्तों को रखना चाहिए जो शनि की महादशा या कुप्रभाव से हमेशा परेशान रहता हैं।  

पापमोचनी एकादशी 2026 
हिंदू धर्म में एक साल में 24 से 26 एकादशी मनाई जाती है। एकादशी की ही तरह पापमोचनी एकादशी (Papamochani Ekadashi 2026) का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। साल 2026 में पापमोचनी एकादशी 15 मार्च, रविवार को मनाई जाएगी। पापमोचनी एकादशी का व्रत रखने से भक्ते के सभी पापों से मुक्ति मिलने के साथ विष्णु भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है।  

वट सावित्री व्रत 2026 
वट सावित्री व्रत (Vat Savitri Vrat 2026) 16 मई, शनिवार को रखा जाएगा। हिंदू धर्म में शादीशुदा महिलाओं के लिए यह व्रत का खास महत्व है। इस व्रत को करने से पति को समृद्धि, सुख-शांति और स्वास्थ्य और दीर्घायु की प्राप्ति होती है। 

वरलक्ष्मी व्रत 2026 
वरलक्ष्मी व्रत आमतौर पर वरलक्ष्मी पूजा और वरलक्ष्मी नोम्मू के नाम से जाना जाता है। 2026 में वरलक्ष्मी व्रत (Varalakshmi Vrat 2026) 28 अगस्त, शुक्रवार के दिन रखा जाएगा। इस व्रत को ज्यादातर विवाहित महिलाएं रखती हैं, ताकि मां लक्ष्मी का आशीर्वाद उनके वैवाहिक जीवन को सुखमय प्रदान करें।  

करवा चौथ 2026 
करवा चौथ का व्रत वैवाहिक महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी जीवन की कामना के लिए करती हैं। करवा चौथ (Karwa Chauth 2026) के दिन महिलाएं निर्जला उपवास रखकर चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत खोलती हैं। साल 2026 में करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर, गुरुवार को रखा जाएगा। 

हरतालिका, हरियाली और कजरी तीज 2026 (Hartalika, Hariyali and Kajari Teej 2026)
वैवाहिक जीवन की सुखमय कामना और अंखड सौभाग्य की समृद्धि-खुशहाली के लिए तीज के ये तीनों व्रत काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। 2026 में हरियाली तीज 27, जुलाई सोमवार, कजरी तीज 31 अगस्त सोमवार और हरियाली तीज का व्रत 14 सितंबर, सोमवार को रखा जाएगा। 

नवरात्रि व्रत 2026 
हिंदू धर्म के अनुसार, साल में दो बार नवरात्रि व्रत रखें जाते हैं, जिसमें पहला चैत्र मास और दूसरा आश्विन मास जिसे शारदीय नवरात्रि भी कहते हैं। साल 2026 में चैत्र नवरात्रि 20 मार्च और शारदीय नवरात्रि (Navratri 2026) 11 अक्टूबर से शुरू होंगे। 

निर्जला, देवशयनी और देवउठनी एकादशी 2026 व्रत 
साल में आने वाली 24 एकादशियों में से निर्जला, देवउठनी और देवशयनी एकादशी (Nirjala, Devshayani and Devuthani Ekadashi 2026 fast) का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की रूप की पूजा की जाती है। 2026 में निर्जला एकादशी 25 जून, देवशयनी एकादशी 25 जुलाई और देवउठनी एकदाशी 20 नवंबर को है। 

जन्माष्टमी 2026 व्रत 
ज्योतिष के अनुसार, इस साल कृष्ण जन्माष्टमी (Janmashtami 2026) का व्रत 4 सितंबर को रखा जाएगा। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था।  

अस्वीकरण (Disclaimer)
इस लेख/सामग्री में दी गई सूचना, तथ्य और विचारों की सटीकता, संपूर्णता, या उपयोगिता के लिए [merouttrakhand.in] किसी भी प्रकार से उत्तरदायी या जिम्मेदार नहीं है। यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है और इसे किसी भी पेशेवर सलाह (जैसे धार्मिक, कानूनी, वित्तीय, चिकित्सा, आदि) का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। पाठक इन जानकारियों के आधार पर कोई भी कदम उठाने से पहले अपने विवेक का उपयोग करें या किसी विशेषज्ञ से सलाह लें।

ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments