देहरादून । ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के इंजीनियरों को ग्राफिक एरा के विशेषज्ञ आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, प्रभावी प्रबंधन कौशल और नवीन डिजिटल टूल्स का प्रशिक्षण दे रहे हैं। इसके लिए आज से दस दिवसीय कार्यशाला शुरू हो गई है।
कार्यशाला के मुख्य अतिथि उत्तराखंड ग्रामीण कार्य विभाग के प्रमुख विभु विश्वमित्र रावत ने कहा कि बदलते समय के साथ कार्यप्रणालियों में भी बदलाव जरूरी है और पारंपरिक तरीकों के साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाए बिना विकास की गति को बनाए रखना मुश्किल है। उन्होंने नई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीकों और आधुनिक टूल्स की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के कुलपति डा. अमित आर. भट्ट ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों और वहां कार्यरत लोगों के उत्थान के लिए नवीन तकनीकों से अपडेटेड रहना अत्यंत आवश्यक है। एआई और डिजिटल तकनीकों को अपनाकर बेहतर कार्य और टिकाऊ विकास संभव है।
इस दस दिवसीय कार्यशाला के दौरान इंजीनियर्स को आधुनिक तकनीकी एवं प्रबंधन विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें ऑटोकैड से 2डी ड्रॉइंग, भवन नियोजन, सर्वेक्षण तकनीक, जीपीएस-जीआईएस, परियोजना प्रबंधन, सीपीएम-पर्ट, डिजिटल टूल्स तथा चैटजीपीटी जैसे टूल्स का व्यावहारिक ज्ञान शामिल है, जिससे अभियंता समयानुसार स्वयं को अपडेट कर अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें।
कार्यशाला का आयोजन ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मैनेजमैंट और डिपार्टमेंट ऑफ सिविल इंजीनियरिंग ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में डीन एकेडमिक्स डा. प्रमोद नायर, स्कूल ऑफ मैनेजमैंट के हेड डा. विशाल सागर, डिपार्टमेंट ऑफ सिविल इंजीनियरिंग के हेड अनूप बहुगुण, डा. श्याम सुंदर कापरी, इंजीनियर तेज पाल, इंजीनियर एल पी भट्ट, शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन डा. श्वेता चैहान ने किया।
ग्राफिक एरा में ग्रामीण अभियंत्रण के इंजीनियरों की एआई की ट्रेनिंग
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