देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच की मांग को लेकर घोषित 11 जनवरी के उत्तराखंड बंद को एक बड़ा समर्थन मिला है। चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति ने इस बंद का पूर्ण समर्थन करने का ऐलान किया है। समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि यह समर्थन राज्य आंदोलनकारियों और विभिन्न विपक्षी दलों के संयुक्त संघर्ष के साथ एकजुटता को दर्शाता है।
धीरेंद्र प्रताप ने एक बयान जारी करते हुए सरकार पर आरोप लगाया कि वह मामले को लीपापोती करने में लगी है और सीबीआई जांच की घोषणा करने से बच रही है। उन्होंने कहा, “सरकार जनता की मांग को नजरअंदाज कर रही है। ऐसे में 11 जनवरी का बंद उसके सामने जनाक्रोश को प्रकट करने के लिए जरूरी कदम है। अंकिता भंडारी केस में न्याय की मांग उत्तराखंड के उन आंदोलनकारियों की आवाज है, जिन्होंने राज्य का निर्माण किया। यह आवाज दबाई नहीं जा सकेगी।”
समिति ने अपने सभी 13 जनपदीय इकाइयों के अध्यक्षों को निर्देश जारी किए हैं कि वे स्थानीय स्तर पर इस बंद को सफल बनाने और जनसमर्थन जुटाने के लिए पूरी ताकत लगाएं। इस ऐलान के बाद अब 11 जनवरी के बंद में राज्य के पूर्व आंदोलनकारियों का बड़ा वर्ग भी सक्रिय रूप से शामिल होगा, जिससे इस आंदोलन को एक नया व्यापक आधार मिलने की उम्मीद है।
माना जा रहा है कि इस समर्थन से बंद की तैयारियों को नई गति मिलेगी और सरकार पर जनदबाव और बढ़ेगा।

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