इंटक अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट के नेतृत्व में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन

–  कैंडल मार्च में उमड़ा जनसैलाब: अंकिता भंडारी को न्याय दो !

–  घंटाघर पर श्रद्धांजलि: वीआईपी का नाम उजागर कर फांसी दो—कांग्रेस की मांग 
–  अंकिता हत्याकांड: एडवोकेट पंकज छेत्री ने किया युवाओं कार्यकर्ताओं को लामबंद

देहरादून। उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर इंटक उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार रात कांग्रेस भवन से घंटाघर तक भव्य कैंडल मार्च निकाला। हजारों की संख्या में उमड़े कार्यकर्ताओं ने मोमबत्तियां जलाकर अंकिता को श्रद्धांजलि दी और राज्य सरकार से वीआईपी अपराधियों का नाम उजागर कर उन्हें फांसी की सजा देने की जोरदार अपील की।
 
कांग्रेस भवन से शुरू हुए कैंडल मार्च में पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट आगे-आगे थे। हाथों में अंकिता भंडारी की तस्वीरें, प्लेकार्ड और मोमबत्तियां थामे कार्यकर्ता ‘अंकिता को न्याय दो’, ‘वीआईपी को फांसी दो’ और ‘सीबीआई जांच हो न्यायिक निगरानी में’ के नारों से गूंजते हुए घंटाघर पहुंचे। मार्च में महिलाएं, युवा और विभिन्न जिलों से आए नेता शामिल हुए, जो राज्यव्यापी आंदोलन का हिस्सा था। बिष्ट ने कहा, “अंकिता की हत्या उत्तराखंड की बेटियों पर हमला है। सरकार वीआईपी बचाने में लगी है, लेकिन हम न्याय तक रुकेंगे नहीं।”

घंटाघर मैदान पर पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी की छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा। हीरा सिंह बिष्ट ने संबोधित करते हुए कहा, “यह कैंडल मार्च अंकिता की आत्मा को सलाम है। सरकार ने सीबीआई जांच की संस्तुति भेजी है, लेकिन बिना हाईकोर्ट निगरानी के यह खानापूर्ति मात्र है। वीआईपी का नाम उजागर हो और उन्हें फांसी की सजा मिले—यह हमारी अंतिम मांग है।”

कैंडल मार्च में हाई कोर्ट एडवोकेट और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव पंकज छेत्री ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी की। इंटक के प्रदेश महासचिव के रूप में उन्होंने युवा कार्यकर्ताओं को लामबंद किया और घंटाघर पर अंकिता भंडारी की छायाचित्र पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “यह सिर्फ एक हत्याकांड नहीं, उत्तराखंड की बेटियों के सम्मान का सवाल है। वकील होने के नाते मैं गारंटी देता हूं कि न्यायिक निगरानी के बिना सीबीआई जांच बेअसर होगी। सरकार वीआईपी बचाने की कोशिश बंद करे, अन्यथा आंदोलन पूरे राज्य में फैल जाएगा।” छेत्री की सक्रियता ने मार्च को और बल प्रदान किया।

यह प्रदर्शन उस दिन की दूसरी बड़ी घटना थी जब राज्य सरकार ने केंद्र को सीबीआई जांच की सिफारिश भेजी। इंटक और कांग्रेस का कहना है कि साक्ष्य मिटाने वालों को बचाने की साजिश रुकनी चाहिए। बिष्ट ने चेतावनी दी, “अगर न्यायिक निगरानी नहीं हुई तो आंदोलन और तेज होगा। पूरे राज्य में ऐसे मार्च जारी रहेंगे।” मार्च में पूर्व विधायक, जिला अध्यक्ष और सैकड़ों युवा शामिल थे, जिन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर समर्थन मांगा।

ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments