“बिहार से लड़कियाँ खरीदने” वाले बयान पर तूफान, FIR नहीं दर्ज करने पर महिला कांग्रेस का कोतवाली घेराव

पुलिसिया दमन और कपड़े फाड़ने के आरोप, हरीश रावत ने 17 जनवरी की अंतिम डेडलाइन दी

देहरादून। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू के विवादास्पद बयान के विरोध और उनके खिलाफ FIR दर्ज नहीं किए जाने के विरोध में उत्तराखंड महिला कांग्रेस ने आज देहरादून स्थित कोतवाली डालनवाला में जबरदस्त प्रदर्शन और घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और महिला कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प में पुलिस पर जबरदस्ती, अभद्रता और कार्यकर्ताओं के कपड़े फाड़ने के गंभीर आरोप लगे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के धरना स्थल पर पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच वार्ता हुई, जिसमें 17 जनवरी तक FIR दर्ज करने की अंतिम डेडलाइन तय हुई।

यह विवाद गिरधारी लाल साहू के उस बयान से शुरू हुआ है, जिसमें उन्होंने कहा था कि “बिहार से 20-25 हजार रुपये में लड़कियाँ लाई जाती हैं।” इस बयान को महिला कांग्रेस ने महिलाओं की गरिमा के विरुद्ध, उन्हें वस्तु बताने वाला और अत्यंत शर्मनाक बताया है। संगठन ने 2 जनवरी को ही कोतवाली में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन FIR नहीं दर्ज किए जाने को लेकर आज बड़ा प्रदर्शन हुआ।

महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई तेज हो गई। आरोप है कि पुलिस ने महिला कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की की और कुछ की कपड़े तक फाड़ दिए। कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर पहले पुलिस लाइन, फिर ऋषिकेश ले जाया गया और बाद में फिर से देहरादून पुलिस लाइन में छोड़ दिया गया। इसके बावजूद कार्यकर्ता तीसरी बार कोतवाली पहुंचकर धरने पर बैठ गईं।

धरने को समर्थन देने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पुलिस अधिकारियों के साथ वार्ता की। पुलिस ने बताया कि देहरादून एसएसपी ने मामले की जांच के लिए अल्मोड़ा के एसएसपी को पत्र भेज दिया है। हरीश रावत ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 17 जनवरी तक गिरधारी लाल साहू के खिलाफ FIR दर्ज नहीं हुई, तो 18 जनवरी को एसएसपी कार्यालय का घेराव किया जाएगा। इस पर धरना 18 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

इस अवसर पर पूर्व विधायक राजकुमार, संगठन महामंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी, महानगर अध्यक्ष जसविंदर सिंह गोगी सहित कई वरिष्ठ नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। महिला कांग्रेस ने कहा कि यह घटनाक्रम न्याय की आवाज दबाने का प्रयास है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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