होटलों के मेन्यू में पारंपरिक व्यंजन अनिवार्य, शेफों के लिए साझा प्लेटफॉर्म की योजना
रुद्रपुर । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आम्रपाली विश्वविद्यालय में आयोजित श्रीअन्न आधारित ‘शेफ संवाद’ कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से भाग लिया। देशभर से युवा शेफ, पर्यटन विशेषज्ञ, शिक्षाविद् व छात्रों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मकसद उत्तराखंडी व्यंजनों, श्रीअन्न खानपान, रोजगार व पर्यटन पर विचार-विमर्श था।
युवा शेफों के सवालों का जवाब देते हुए सीएम धामी ने कहा कि सभी होटलों के मेन्यू में पारंपरिक उत्तराखंडी व्यंजन शामिल करने के निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री आवास व सरकारी आयोजनों में स्थानीय भोजन परोसा जाता है, ताकि इन व्यंजनों को सम्मान मिले।
शेफ संजीव जुयाल के सुझाव पर सीएम ने पर्यटन विभाग को शेफ समुदाय के लिए साझा प्लेटफॉर्म का प्रस्ताव तैयार करने को कहा। इससे शेफ राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर पा सकेंगे। शेफ सुनील उपाध्याय के प्रश्न पर पारंपरिक व्यंजनों की शुद्धता, प्रमाणिकता व मानकीकरण पर सरकार के ठोस प्रयासों का जिक्र किया।
सीएम ने श्रीअन्न को उत्तराखंड के समग्र विकास व रोजगार सृजन का सशक्त आधार बताया। मंडुवा, झंगोरा, कोदा व रामदाना जैसी फसलें कम पानी में उगती हैं, पोषक हैं व किसानों की आय बढ़ाती हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत श्रीअन्न का वैश्विक नेता बन रहा है, जो 38.4% वैश्विक उत्पादन देता है। फूड प्रोसेसिंग, हेल्थ फूड, होटल, कैफे व स्टार्टअप में युवाओं के लिए अपार संभावनाएं हैं।
पर्यटन व कौशल विकास विभाग मिलकर युवाओं को स्थानीय संसाधनों पर स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, 44% युवा वापस लौटे हैं। सीएम ने शेफों से अपील की कि उत्तराखंडी स्वाद को ‘लोकल से ग्लोबल’ बनाएं। शेफ अब संस्कृति संवाहक व पर्यटन ब्रांड एम्बेसडर हैं।
कार्यक्रम की सफलता पर आम्रपाली विश्वविद्यालय व टीम को बधाई दी। विधायक बंशीधर भगत व संजय मिश्रा समेत शेफ उपस्थित रहे।

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