देहरादून। वर्कचार्ज कर्मचारियों के हित में पुरानी पेंशन बहाली का निर्णय न लेने पर राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा (NOPURF) ने उत्तराखंड सरकार के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है। प्रदेश प्रभारी विक्रम सिंह रावत ने शासन के हालिया शासनादेश को कर्मचारी-विरोधी बताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
लगातार कई महीनों से आंदोलनरत वर्कचार्ज कर्मचारियों के लिए पूर्व त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने पुरानी पेंशन का लाभ देने का निर्णय लिया था, जिससे उस समय सेवानिवृत्त कार्मिकों को राहत मिली। लेकिन वर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने इसे पलट दिया, जिससे कर्मचारी निराश हैं। विक्रम सिंह रावत ने कहा, “सरकार का यह दोहरा चरित्र उचित नहीं है।”
उन्होंने बताया कि 24 दिसंबर 2025 को कैबिनेट बैठक में सिंचाई एवं लोक निर्माण विभाग के वर्कचार्ज कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन का प्रस्ताव पारित हुआ था। किंतु 26 जनवरी 2026 को जारी शासनादेश कर्मचारी-विरोधी है, क्योंकि इससे नया लाभ नहीं मिलेगा और पहले मिल रही पेंशनें भी बंद हो जाएंगी। इससे प्रभावित परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच सकते हैं।
रावत ने मांग की कि 2005 से पूर्व नियुक्त कर्मचारियों को पुरानी पेंशन मिल सकती है, तो 1 अक्टूबर 2005 के बाद वर्कचार्ज से नियमित हुए कर्मचारियों को भी यही लाभ दिया जाए। NOPURF ने चेतावनी दी कि मांग पूरी न होने पर उत्तराखंड स्तर पर आंदोलन तेज किया जाएगा।

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