बस सेवा समिति ने एआरएआई और परिवहन आयुक्त कार्यालय पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप; केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र।
देहरादून। देहरादून महानगर सिटी बस सेवा समिति के अध्यक्ष विजयवर्धन डंडरियाल ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को एक विस्तृत पत्र लिखकर एआरएआई पुणे, वाहन डीलरों और उत्तराखंड परिवहन आयुक्त कार्यालय के अधिकारियों के बीच गठजोड़ से बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और नियमों में छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने इस पूरे मामले की तत्काल सीबीआई जांच और दोषी पाए जाने वाले वाहनों के पंजीकरण निरस्त करने की मांग की है।
डंडरियाल के आरोपों के मुताबिक, यह विवाद टाटा मैजिक M2 श्रेणी के वाहनों के अनापत्ति प्रमाणपत्र (सर्टिफिकेट) और पंजीकरण को लेकर है। उन्होंने पत्र में क्रमबद्ध तरीके से पूरे मामले का खुलासा किया है:
- पहली अनियमितता: 25 जुलाई 2022 को एआरएआई पुणे ने 10 व्यक्तियों के बैठने वाले एक M2 वाहन को स्वीकृति दी। इसके बाद 24 सितंबर 2022 को परिवहन आयुक्त कार्यालय ने उसी विनिर्देश पर वाहन का पंजीकरण कराया। इन दोनों ही दस्तावेजों में वाहन की बॉडी के प्रकार (हॉफ बॉडी, फुल बिल्ट आदि) का कोई उल्लेख नहीं था।
- दूसरी अनियमितता और विसंगति: 31 जनवरी 2025 को एआरएआई पुणे ने ही एक अन्य सर्टिफिकेट जारी कर उसी तरह के वाहन को ‘फुल बिल्ट बॉडी’ दिखाया। यहां आरोप है कि एक ही तरह के वाहन के लिए अलग-अलग समय पर अलग-अलग विवरण दर्ज किए गए।
- तीसरी और गंभीर अनियमितता: डंडरियाल ने सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय की 23 सितंबर 2021 की अधिसूचना का हवाला देते हुए एक बड़ा खुलासा किया है। उनके अनुसार, M2 श्रेणी के वाहनों की न्यूनतम लंबाई 3790 मिमी निर्धारित है, जबकि पंजीकृत कराए जा रहे टाटा मैजिक वाहनों की लंबाई इस मानक से 6-7 इंच कम है। सवाल उठाया गया है कि परिवहन आयुक्त कार्यालय ने पंजीकरण के समय इस मौलिक कमी और केंद्रीय मानकों की अनदेखी क्यों की?
- आरोपों का सार: पत्र में आरोप लगाया गया है कि एआरएआई पुणे, वाहन डीलर और परिवहन विभाग के अधिकारियों ने मिलकर भारत सरकार द्वारा तय M2 वाहनों की परिभाषा और मापदंडों को ही ओवरराइड (दरकिनार) कर दिया। यह सब सार्वजनिक सुरक्षा और नियमों की परवाह किए बिना, वाहनों को गैर-मानक स्थिति में स्वीकृति और पंजीकरण दिलाने के लिए किया गया है।
मांगें:
· इस पूरे मामले की सीबीआई के स्तर पर त्वरित जांच।
· नियमों के विपरीत पंजीकृत किए गए सभी ऐसे वाहनों का पंजीकरण तत्काल निरस्त किया जाए।
डंडरियाल ने बताया कि इस शिकायत की प्रतिलिपि राज्य के सचिव (परिवहन), परिवहन आयुक्त और आरटीओ देहरादून कार्यालय को भी भेजी गई है, ताकि उनके स्तर पर भी आवश्यक कार्रवाई शुरू हो सके।
यह मामला जब सामने आया है तो परिवहन विभाग में गहरे भ्रष्टाचार और सार्वजनिक सुरक्षा से खिलवाड़ के गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। अब निगाहें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के कार्यालय और संबंधित एजेंसियों की ओर टिकी हैं कि इन गंभीर आरोपों पर क्या कार्रवाई होती है।

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