अंकिता भंडारी न्याय को लेकर इंडिया गठबंधन का बड़ा ऐलान, 8 फरवरी की देहरादून महापंचायत को दिया खुला समर्थन

देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर न्याय की मांग एक बार फिर सड़कों पर उतरने को तैयार है। 8 फरवरी को देहरादून के परेड ग्राउंड में प्रस्तावित महापंचायत को इंडिया गठबंधन के सभी घटक दलों ने पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया है। इस संबंध में कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में गठबंधन के नेताओं ने सरकार और जांच एजेंसियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की यह लड़ाई केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की अस्मिता से जुड़ा विषय बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार-प्रायोजित शिकायत के आधार पर कराई जा रही सीबीआई जांच जनता की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास है। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की स्पष्ट मांग है कि मामले की जांच उच्चतम न्यायालय की निगरानी में होनी चाहिए। हरीश रावत ने हाल के दिनों में देहरादून जिले में युवतियों की हत्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी है और महिलाओं की सुरक्षा केवल नारों तक सिमट कर रह गई है।

भाकपा (माले) के राज्य सचिव इन्द्रेश मैखुरी ने कहा कि भाजपा सरकार शुरू से ही इस मामले में प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास करती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक पक्षपाती व्यक्ति की एफआईआर के आधार पर सीबीआई जांच कराना वीआईपी संरक्षण की ही कड़ी है। अंकिता के माता-पिता द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र को नजरअंदाज किया जाना सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में अब तक जितनी भी जांच आगे बढ़ी है, वह जनता के दबाव और आंदोलनों का ही नतीजा है और आगे भी न्याय की राह संघर्ष से ही निकलेगी।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव डॉ. सत्यनारायण सचान ने प्रदेश में बढ़ते सांप्रदायिक तनाव पर चिंता जताई। उन्होंने कोटद्वार की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि जो लोग सांप्रदायिक सौहार्द के पक्ष में खड़े हो रहे हैं, पुलिस कार्रवाई का निशाना वही बन रहे हैं। उन्होंने कोटद्वार के दीपक कुमार पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग की और मसूरी में बुल्ले शाह की मजार को नुकसान पहुंचाने तथा विकासनगर में कश्मीरी शॉल विक्रेताओं पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की।

भाकपा के पूर्व राज्य सचिव समर भंडारी ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ‘बेटी बचाओ’ का नारा देने वाली पार्टी का असली चेहरा पूरे देश ने देखा है। उन्होंने बिलकिस बानो प्रकरण, महिला पहलवानों के मामले और कुलदीप सेंगर के उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा का चाल, चरित्र और चेहरा महिलाओं के प्रति विरोधी रहा है।

माकपा के राज्य सचिव मंडल के सदस्य सुरेंद्र सिंह सजवाण ने कहा कि महिला विरोधी और अल्पसंख्यक विरोधी राजनीति के खिलाफ सभी लोकतांत्रिक ताकतों को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। वहीं ट्रेड यूनियन नेता जगदीश कुकरेती ने कहा कि अंकिता भंडारी के न्याय की लड़ाई को सामाजिक और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर मजबूती से लड़ने की जरूरत है।

प्रेस वार्ता में 12 फरवरी को प्रस्तावित मजदूरों की देशव्यापी हड़ताल के समर्थन का भी ऐलान किया गया और सांप्रदायिक सौहार्द के पक्ष में खड़े लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की गई।

प्रेस वार्ता में कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसौनी, कांग्रेस नेता सुरेंद्र कुमार, संजय शर्मा, भाकपा के अशोक शर्मा, माकपा के अनंत आकाश, समाजवादी पार्टी के अतुल शर्मा, हेमा बोरा सहित इंडिया गठबंधन के विभिन्न घटक दलों के नेता मौजूद रहे।

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