देहरादून। मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक कर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अपराधियों के विरुद्ध कठोर, त्वरित एवं परिणामोन्मुखी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को निर्देशित किया कि सभी प्रकार के अपराधों में तत्काल मुकदमे दर्ज किए जाएं तथा दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेने वालों, असामाजिक तत्वों और प्रदेश की शांति भंग करने का प्रयास करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से आदतन एवं संगठित अपराध में संलिप्त अपराधियों पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों की पहचान कर विधिक प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि समाज में कानून का भय स्थापित हो और आमजन स्वयं को सुरक्षित महसूस करें।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पुलिस पूरी सक्रियता, सतर्कता और जवाबदेही के साथ कार्य करे। थानों और चौकियों की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया जाए तथा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त और निगरानी बढ़ाई जाए। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि कार्यवाही के परिणाम धरातल पर दिखाई देने चाहिए और जनता को सुरक्षा का अनुभव होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार “अपराध मुक्त उत्तराखण्ड” के संकल्प के साथ कार्य कर रही है तथा प्रदेश की शांति, सुरक्षा और सुशासन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की नियमित समीक्षा करने और हर स्तर पर जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए, ताकि प्रदेश में कानून का राज और अधिक सशक्त हो सके। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में मुख्य सचिव, डीजीपी, सचिव गृह, एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर), गढ़वाल आयुक्त सहित पुलिस एवं शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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